PM मोदी के संबोधन पर मचा बवाल, भाकपा सांसद पी. संदोष ने चुनाव आयोग को लिख दिया पत्र, दे दी चेतावनी!

P. Sandosh Kumar Letter to ECE: भाकपा सांसद पी. संदोष कुमार ने विधानसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी के संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है।
CPI MP P. Sandosh Kumar files a complaint with the CEC against PM Modi for alleged MCC violations during his national address amid assembly elections.
पी. संदोष कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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P. Sandosh Kumar:  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया था। जो कि अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। विपक्ष ने पीएम मोदी पर लोकतांत्रित मानदंडों और आचार संहिता का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव जारी है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद पी.संदोष कुमार (P. Sandosh Kumar) ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन आयोग आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखित पत्र लिखा। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने देश के नाम किए हालिया संबोधन के जरिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। भाकपा नेता ने निर्वाचन आयोग से इस पर तुरंत एक्शन लेने की मांग की है।

सांसद संदोष ने पत्र में लिखी यह बातें

सीपीआई से राज्यसभा सांसद संदोष कुमार (P. Sandosh Kumar) ने कहा प्रधानमंत्री के संबोधन का तरीका राजनीतिक था। उन्होंने लिखा कि इस संबोधन में पक्षतापूर्ण दावे किए गए। इनका उद्देश्य सक्रिय राजनीतिक विवाद के जरिए जनमत को प्रभावित करना था। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल करना सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करना है। इस तरह से राजनीतिक भाषणों के लिए सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित मंचों का इस्तेमाल करना चुनावी मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।

सीईसी को पत्र में सीपीआई सांसद ने दी चेतावनी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद संदोष कुमार ने चेतावनी दी कि अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे और जनता का विश्वास कम हो सकता है। इससे संस्थागत मिलीभगत के संकेत मिल सकते है। उन्होंने इस मामले में जल्द-से-जल्द ईमानदारी से कार्रवाई करने की मांग की है और चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता को बनाए रखने के लिए जवाबदेही को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

पीएम मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल) को महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन किया था। इस संबोधन के दौरान उन्होंने साफ तौर पर विपक्ष पर हमला बोला था। उन्होंने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों पर भ्रूण हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि महिलाएं उन्हें सजा जरूर देंगी। महिला आरक्षण बिल में लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या में 50% वृद्धि करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव था।

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