कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव, किसानों के हित के लिए उठाया ये मुद्दा
कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने सोमवार को लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में विजय ने कृषि उत्पादों पर जीएसटी हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने का आग्रह किया है।
- Written By: विधी शर्मा
कांग्रेस सांसद विजय वसंत (सोर्स: सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: लोकसभा शीतकालीन सत्र में सोमवार को एक स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया गया। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद विजयकुमार उर्फ विजय वसंत द्वारा दिया गया था। इस दौरान विजय ने कृषि उत्पादों और आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) हटाने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने का आग्रह किया है।
सांसद विजय ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। इस पोस्ट में विजय ने कहा है कि मैंने कृषि उत्पादों और आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी हटाने की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। आम आदमी द्वारा खाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थों जैसे आटा, मैदा को भी जीएसटी से बाहर रखा जाना चाहिए। साथ ही किसान सम्मान निधि, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि अनुसंधान के लिए धन बढ़ाने की मांग की है।
Have moved an adjournment motion in Loksabha to discuss the urgent need for removing GST on agricultural products and essential food items.
Staple food consumed by common man should be kept out of GST.
Also have asked for increased funding of Kisan samman nidhi, irrigation… pic.twitter.com/sqR1K4fwUV — Vijay Vasanth (@iamvijayvasanth) December 9, 2024
सम्बंधित ख़बरें
GST Collection: अप्रैल में रिकॉर्ड जीएसटी क्लेक्शन, ₹2.42 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा; सरकार की बंपर कमाई
GSTR-3B की आखिरी तारीख पर सिस्टम ठप: जीएसटी पोर्टल फेल, व्यापारी परेशान-सरकार और इंफोसिस पर सवाल
अमरावती में व्यापारियों को राहत; फूड लाइसेंस रजिस्ट्रेशन सीमा 12 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया! सिर्फ GST और सरकारी अनुदान के भरोसे चल रही मनपा, कैसे होगा चंद्रपुर का विकास?
इस प्रस्ताव नोटिस में विजय ने कहा है कि माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं कृषि उत्पादों और आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी हटाने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश करने के लिए खड़ा हूं, जो हमारे किसानों और देश के आम लोगों दोनों के लिए बहुत चिंता का विषय है। विजय ने सरकार से कृषि उपकरणों और इनपुट सहित सभी कृषि उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) हटाने का आग्रह किया।
विजय ने आगे कहा, “इससे हमारे किसानों को बहुत ज़रूरी राहत मिलेगी, जो उत्पादन की उच्च लागत से जूझ रहे हैं। जीएसटी हटाने से उनका वित्तीय बोझ कम होगा, इनपुट लागत कम होगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हमारे किसान अप्रत्याशित मौसम पैटर्न, मुद्रास्फीति के दबाव और बढ़ती इनपुट लागत के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।”
कांग्रेस से जुड़ी खबरें जानने के लिए यहां क्लिक करें…
कांग्रेस नेता ने आगे सभी मुख्य खाद्य पदार्थों जैसे आटा, मैदा, सूजी, बेसन और अन्य आवश्यक खाद्य उत्पादों पर जीएसटी से छूट की मांग की। “दूसरी बात, मैं सभी मुख्य खाद्य पदार्थों जैसे आटा, मैदा, सूजी, बेसन और अन्य आवश्यक खाद्य उत्पादों पर जीएसटी से छूट की मांग करता हूं। ये वस्तुएं लाखों भारतीय परिवारों के बुनियादी आहार का हिस्सा हैं और इन उत्पादों पर जीएसटी लगाने से आम आदमी के जीवन यापन की लागत पर सीधा असर पड़ता है। इन वस्तुओं पर जीएसटी हटाकर सरकार जनता को, खासकर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को, जो अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगी।”
विजय ने आगे कहा, “इसके अलावा, मैं किसान सम्मान निधि योजना, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि अनुसंधान जैसी प्रमुख कृषि पहलों के लिए आवंटन बढ़ाने का आह्वान करता हूं। ये कार्यक्रम हमारे किसानों के कल्याण में सुधार करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार को किसानों की आजीविका में सुधार लाने और कृषि क्षेत्र की समग्र उत्पादकता बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
देश से जुड़ी खबरें जानने के लिए यहां क्लिक करें…
साथ ही विजय ने सरकार से किसानों और आम आदमी की चिंताओं को दूर करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, “आज मैंने जिन कदमों की रूपरेखा तैयार की है, वे हमारे कृषि क्षेत्र की समृद्धि और भारत के लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इन मुद्दों को हल करने के लिए तत्काल और आवश्यक कार्रवाई करेगी।”
बता दें शीतकालीन संसद का पहला सत्र 25 नवंबर को शुरू हुआ था, जिसमें व्यवधानों के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही काफी पहले ही स्थगित कर दी गई थी। यह शीतकालीन सत्र आगामी 20 दिसंबर तक चलेगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
