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JNU Campus Protest: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने दावा किया है कि दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कथित विवादित नारे लगाने वालों का संबंध भारतीय जनता पार्टी से भी हो सकता है। तिवारी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने जेएनयू की घटना को कांग्रेस से जोड़ा था।
प्रमोद तिवारी ने कहा, “मैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पूछना चाहता हूं कि क्या वह सोते-जागते सपने देखते रहते हैं। आखिर गिरिराज सिंह कांग्रेस के नेताओं से इतना भयभीत क्यों रहते हैं? सुबह-शाम-दोपहर वे कांग्रेस नेताओं का ही नाम जपते रहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर जेएनयू में किसी ने भी असंवैधानिक या आपत्तिजनक नारे लगाए हैं, तो वह उसकी निंदा करते हैं, क्योंकि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए जाने चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है और उन्हें आशंका है कि कहीं इसके पीछे भाजपा ही तो नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नारे लगवाकर भाजपा राजनीतिक फायदा उठाने का काम करती रही है। तिवारी ने कहा कि नारे लगाने वालों और भाजपा के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित नारेबाजी पर कहा था कि जेएनयू ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और राहुल गांधी जैसी देश-विरोधी मानसिकता वाले लोगों का अड्डा बन गया है, चाहे वह RJD हो, TMC हो या वामदल।
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Ans: प्रमोद तिवारी ने कहा कि JNU में कथित नारे लगाने वालों का संबंध भाजपा से भी हो सकता है और इसकी जांच होनी चाहिए।
Ans: गिरिराज सिंह ने JNU को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और कांग्रेस व विपक्षी दलों से जुड़ी देश-विरोधी मानसिकता का अड्डा बताया था।
Ans: 2020 के नकाबपोश हमले की बरसी, आरोपियों की गिरफ्तारी न होना और उमर खालिद–शरजील इमाम की जमानत खारिज होने के विरोध ने तनाव बढ़ाया।