मोहन भागवत में दम है तो...हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर भड़के कांग्रेस नेता, RSS को दिया खुला चैलेंज

Mohan Bhagwat Hindu Rashtra Remark: उदित राज ने कहा, 'कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है, गलत बात है। और मोहन भागवत की हिम्मत है तो कर दिखाएं। मालूम है कि इनके दिल में कुछ और है जुबान पर कुछ और है।
Mohan Bhagwat Hindu Rashtra Remark
मोहन भागवत (Image- Social Media)
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Udit Raj on RSS: हिंदू राष्ट्र वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है और अगर भागवत में हिम्मत है तो इसे करके दिखाएं। उदित राज ने संघ प्रमुख के बयान को संविधान के खिलाफ बताया है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर को भारतीय जनता पार्टी की बी टीम बताया।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उदित राज ने कहा, “कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है, यह गलत बात है। और अगर मोहन भागवत में दम है तो कर दिखाएं। साफ है कि इनके दिल में कुछ और और जुबान पर कुछ और है। आखिरकार जुबान पर वही बात आ ही गई। अब तक दूसरों से कहलवाते रहे, लेकिन अब खुद मोहन भागवत ने कह दिया है। यह बेहद आपत्तिजनक, गलत, संविधान विरोधी और राष्ट्र विरोधी बयान है।”

हुमायूं कबीर और बीजेपी मिले हुए

हुमायूं कबीर पर भागवत की टिप्पणी को लेकर उदित राज ने कहा, “हुमायूं कबीर और बीजेपी मिले हुए हैं, और मोहन भागवत भी उनसे जुड़े हुए हैं। यह सब इसलिए है क्योंकि दोनों के लिए यह विन-विन स्थिति है। इन्हें पैसा और शोहरत मिलेगी और ये हिंदू-मुसलमान करके चुनाव जीतेंगे। इन्होंने अपनी कई बी टीमें बना ली हैं, और यह भी उन्हीं की बी टीम है। इसमें चर्चा करने की क्या जरूरत है। हुमायूं कबीर क्या है, यह किसी को पता भी नहीं चलेगा। फिर भी देश की मीडिया इसे इतनी अहमियत क्यों दे रही है?”

भागवत ने क्या कहा था?

रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा था, “सूरज पूर्व से उगता है। हमें नहीं पता यह कब से हो रहा है। तो क्या इसके लिए भी हमें संविधान की मंजूरी लेनी पड़ेगी? हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है। जो भी भारत को अपनी मां मानता है और भारतीय संस्कृति की सराहना करता है, जब तक इस धरती पर एक भी ऐसा व्यक्ति जीवित है जो अपने पूर्वजों के गौरव को मानता और उसका सम्मान करता है, तब तक भारत हिंदू राष्ट्र है। यह संघ की सोच है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर संसद कभी संविधान में संशोधन कर ऐसा शब्द जोड़ने का फैसला करती है तो ठीक है, और अगर नहीं करती तो भी ठीक है। हमें शब्द की चिंता नहीं है, क्योंकि हम हिंदू हैं और हमारा देश हिंदू राष्ट्र है। यह भी सच है कि जन्म के आधार पर जाति व्यवस्था हिंदुत्व की पहचान नहीं है।”

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