क्या बोलती पब्लिक? CJP देशभर में चलाएगी अनोखा आंदोलन, अभिजीत दीपके ने किया एक्शन प्लान का ऐलान
Kya Bolti Public Campaign: जंतर-मंतर आंदोलन के बाद CJP देशभर में क्या बोलती पब्लिक? अभियान शुरू करेगी। अभिजीत दीपके ने सितंबर 2026 से शुरू होने वाले इस आंदोलन का एक्शन प्लान घोषित किया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
प्रेस कॉन्फरेंस के दौरान CJP के सदस्य (सोर्स: सोशल मीउिया)
Cockroach Janata Party Kya Bolti Public Campaign: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन की सफलता के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी अब अपने अगले बड़े कदम के लिए तैयार है। CJP की राष्ट्रीय कोर कमेटी की दो दिवसीय बैठक के समापन पर संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में चलाए जाने वाले क्या बोलती पब्लिक? अभियान की आधिकारिक घोषणा की है।
यह अभियान केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के युवाओं और आम जनता की नब्ज टटोलने के लिए एक राष्ट्रव्यापी दौरा होगा।
सितंबर से शुरू होगा क्या बोलती पब्लिक?
अभिजीत दीपके ने बताया कि यह अभियान सितंबर 2026 में शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन 65% युवाओं से सीधा संवाद करना है जिनकी उम्र 35 वर्ष से कम है और जिन्हें वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में नजरअंदाज किया जा रहा है। दीपके के अनुसार, आज की सरकार और राजनीतिक दल जनता से पूरी तरह डिस्कनेक्ट हो चुके हैं, वे सुनना ही नहीं चाहते कि जनता की अपेक्षाएं क्या हैं। CJP इस अभियान के जरिए हर राज्य में जाकर लोगों की समस्याओं और उनके सपनों को समझेगी।
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संविधान और वैचारिक बुनियाद
CJP ने अपनी विचारधारा को लेकर उठ रहे सवालों का भी स्पष्ट जवाब दिया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP की विचारधारा वही है जो भारत के संविधान की है। यह संगठन डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय, महात्मा गांधी की अहिंसा और शांति, तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू के आधुनिक भारत के विजन पर आधारित है। उनके अनुसार, जंतर-मंतर आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता किसी का इस्तीफा नहीं, बल्कि लोगों के मन से सरकार के प्रति ‘डर’ का खत्म होना है।
महंगी शिक्षा और बेरोजगारी पर वार
इस अभियान के केंद्र में शिक्षा और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दे होंगे। दीपके ने शिक्षा के निजीकरण और बढ़ती फीस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में 94,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे शिक्षा आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, न कि मुनाफा कमाने का कोई ‘बिजनेस’। इसके अलावा, NEET घोटाले और व्यापक बेरोजगारी को लेकर भी CJP सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेगी।
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संस्थाओं की जवाबदेही और प्रेसर ग्रुप की भूमिका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यायपालिका, चुनाव आयोग और मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जहां बड़े बिजनेसमैन के लिए मिडनाइट हियरिंग होती है, वहीं आम आदमी तारीखों के चक्कर में फंसा रहता है। उन्होंने मीडिया को भी नसीहत दी कि वे सत्ता के मास्टर स्ट्रोक दिखाने के बजाय जनता की आवाज बनें।
दिलचस्प बात यह है कि CJP फिलहाल एक राजनीतिक दल नहीं बनेगा, बल्कि एक पब्लिक प्रेसर ग्रुप के रूप में काम करेगा। उनका तर्क है कि मौजूदा समय में ED और CBI के जरिए विपक्षी दलों को तोड़ा जा रहा है, ऐसे में एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में वे सिस्टम में सुधार के लिए बेहतर लड़ाई लड़ सकते हैं।
युवा टीम और सदस्यता अभियान
CJP ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी का भी परिचय दिया, जिसमें 30 वर्षीय अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष (30), सौरभ दास (27), और रत्ना सिंह (31) जैसे युवा चेहरे शामिल हैं। संगठन ने एक व्यापक सदस्यता अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत छात्रों, प्रोफेशनल्स और श्रमिकों को एक मंच पर आने की अपील की गई है। दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP फिलहाल कोई फंड स्वीकार नहीं कर रही है और लोगों को फर्जी फंड ड्राइव से सावधान रहने को कहा है।
