बाबा के राज में गोरक्षकों को मिलेगा सम्मान, किया बड़ा ऐलान; भूसा बैंक की स्थापना पर भी दिया जोर

CM Yogi Adityanath News: सीएम योगी ने गोरक्षा में योगदान देने वालों को सम्मान देने का ऐलान किया है। साथ ही गो-आश्रयों में सीसीटीव से निगरानी की जाने की बात कही है।
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उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है और इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए। सीएम योगी ने शनिवार को गोसेवा आयोग की बैठक बुलाई।

इस बैठक में निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक गोशाला में भूसा बैंक की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

गो-आश्रय की निगरानी होगी मजबूत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी। गोसेवा आयोग और पशुधन विभाग को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए। पदाधिकारियों को मंडलवार दौरे कर ‘भूसा बैंक’ और गोचर भूमि विस्तार पर काम करना होगा। हर रिपोर्ट सीएम कार्यालय को भेजी जाएगी और औचक निरीक्षण भी होंगे।

उत्तर प्रदेश में कितने गो-आश्रय स्थल

बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 तथा 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं, जिनके सत्यापन एवं समुचित भरण-पोषण के निर्देश दिए गए हैं।

गो-संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा और आय का स्रोत बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इनके विस्तार पर जोर दिया। एसएजजी और एनजीओ द्वारा गो-पेंट, वर्मी कम्पोस्ट जैसे उत्पाद आत्मनिर्भरता का मॉडल बने हैं, जिसमें मुजफ्फरनगर उदाहरण है। 630 में से 518 गो-संरक्षण केंद्र पूरे हो चुके हैं। जबकि पशुओं के टीकाकरण अभियान भी जारी हैं।

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