कोलकाता में CM ममता का पैदल मार्च, कहा- भाजपा बांग्ला भाषियों पर अत्याचार कर रही
West Bengal CM Mamata Banerjee ने TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी व पार्टी के कई नेताओं के साथ कोलकाता में विशाल विरोध मार्च निकाला और BJP शासित राज्य में बंगाली भाषी लोगों पर अत्याचार के आरोप लगाए।
- Written By: सौरभ शर्मा
कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने भारी बारिश के बीच पैदल निकाला (फोटो-@ANI)
Mamata Banerjee Protest: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में भारी बारिश के बीच एक पैदल मार्च निकाला। उनके साथ में हजारों टीएमसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यह पैदल मार्च बंगालियों के साथ भेदभाव के आरोपों को लेकर किया गया। ममता बनर्जी का आरोप है कि बंगाल के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि बंगालियों के साथ भेदभाव हो रहा है। इसी आरोप के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़कों पर उतरीं और प्रदर्शन किया।
सीएम ममता बनर्जी के साथ इस प्रर्दशन में हजारों और अन्य लोग भी कोलकाता की सड़कों पर उनके साथ इसमें शामिल रहे थे। यह प्रदर्शन बंगाल के लोगों के साथ हो रहे कथित भेदभाव के खिलाफ एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है। ममता बनर्जी ने इस मार्च के जरिए बंगालियों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
#WATCH कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विरोध मार्च निकाला। pic.twitter.com/U4bEKZLrts — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 16, 2025
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पैदल मार्च में पार्टी के अन्य बडे़ नेता भी मौजूद
कोलकाता में इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी और भी कई नेता साथ में रहे। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य भी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए एक विरोध मार्च निकाला।
मार्च में कार्यकर्ताओं का सैलाब उमड़ा
ममता बनर्जी का यह पैदल मार्च भरी बारिश के बीच में निकाला जा रहा था, सीएम ममता के इस मार्च में टीएमसी के कार्यकर्ताओं को खूब हुजूम उमड़ा और इन कार्यकर्ताओं ने बीजेपी शासिर राज्यों में बंग्ला भाषी लोगों के उत्पीड़न का आरोप यह मार्च किया जा रहा था। इसमें आरोप यह लगाया गया कि जिन राज्यों में भाजपा का प्रशासन है वहां पर जो बंगाली भाषी जो लोग रह रहें है वहां पर उनके साथ भाषाई आधार पर भेदभाव किये जाते है।
बंगाली पहचान पर भाजपा जानबूझकर हमलावर
तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, बंगाली पहचान पर भाजपा का हमला अब कोई रहस्य नहीं है, यह क्रूर, जानबूझकर और नफरत से प्रेरित है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में आज सड़कों पर एक उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हर अन्याय का विरोध किया जाएगा।
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पिछले कुछ दिनों में, पार्टी ने कई घटनाओं को उजागर करते हुए दावा किया है कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि डबल इंजन वाले राज्यों में निर्दोष बंगाली प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि उत्तर 24 परगना के मतुआ समुदाय के छह सदस्यों, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं, को महाराष्ट्र पुलिस ने वैध पहचान पत्र होने के बावजूद अवैध रूप से हिरासत में लिया और परेशान किया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वैध दस्तावेज़ और सत्यापित पहचान पत्र होने के बावजूद, दिल्ली की जय हिंद कॉलोनी के बंगाली भाषी निवासियों को परेशान किया गया, अपमानित किया गया और उन्हें ‘अवैध’ करार दिया गया।
