- Hindi News »
- India »
- Chhatrapati Sambhaji Maharajs Death Anniversary Today Know How This Great King Died
छत्रपति संभाजी महाराज की आज पुण्यतिथि, जानें कैसे हुई थी इस महान राजा की मौत
- Written By: शुभम सोनडवले

छत्रपति संभाजी महाराज महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े पुत्र थे। उनका जन्म 14 मई, 1657 को महाराष्ट्र के पुणे में स्थित पुरंदर के किले में हुआ था और वे भोंसले वंश के थे। संभाजी महाराज ने अपने बचपन के दिनों से ही अपने पिता की तरह अपना जीवन देश और हिंदुत्व के लिए समर्पित कर दिया था।
संभाजी महाराज ने अपनी मां सई भोंसले को तब खो दिया था जब वह केवल दो साल के थे। जिसके बाद, उनका पालन-पोषण उनकी दादी जीजाबाई ने किया। उन्होंने बहुत कम उम्र से ही राजनीति में रुचि ले ली थी। वे आगे चलकर पूरे देश के लिए प्रेरणा बने।
संभाजी महाराज बचपन से छत्रपति शिवाजी के साथ युद्ध भूमि में रहकर युद्ध के कला कौशल और कूटनीति में दक्ष हो गए थे। उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब से 120 युद्ध लड़े और सभी में औरंगजेब को हार का सामना करना पड़ा था। उस समय मराठों का सबसे शक्तिशाली दुश्मन मुगल सम्राट औरंगजेब ने भारत से बीजापुर और गोलकुंडा के शासन को समाप्त करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
सम्बंधित ख़बरें
इसे कहते हैं गजब की फील्डिंग…पथुम निसंका ने बाउंड्री पर चीते जैसी फुर्ती से लपका जबरदस्त कैच, देखें वीडियो
T20 विश्वकप 2026 में पथुम निसांका का जलवा, जड़ा टूर्नामेंट का पहला शतक, एक साथ बनाए ये दो बड़े रिकॉर्ड
पितरों को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है फाल्गुन अमावस्या, इस विधि से करें तर्पण, सुख-समृद्धि के बनेंगे योग
कल साल का पहला सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलती!
साल 1680 में शिवाजी महाराज की मृत्यु के पश्चात उनकी तीसरी पत्नी सोयराबाई के बेटे राजाराम को सिंहासन पर बैठाया गया। उस समय संभाजी पन्हाला में कैद थे। वहीं, संभाजी को जब राजाराम के राज्याभिषेक की खबर मिली तो उन्होंने उन्होंने पन्हाला किले के किलेदार की हत्या कर किले पर कब्जा कर लिया। इसके बाद संभाजी ने 18 जून 1680 को रायगढ़ किले पर भी कब्जा कर लिया और राजाराम, उनकी पत्नी जानकी और मां सोयराबाई को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, 16 जनवरी 1681 में महाराष्ट्र के रायगढ़ किले में संभाजी राजे का विधिवत भव्य राज्याभिषेक हुआ। इस खबर से औरंगजेब और परेशान हो गया था। शिवाजी की मृत्यु के पश्चात औरंगजेब को लगा था कि वह अब आसानी से रायगढ़ किले पर कब्जा कर लेगा। संभाजी राजे के पराक्रम की वजह से परेशान होकर औरंगज़ेब ने कसम खाई थी की जब तक छत्रपती संभाजी राजे पकड़े नहीं जाएंगे, वो अपना किमोंश (पगड़ी) सर पर नहीं चढ़ाएगा।
उधर, राजाराम को सिंहासन नहीं मिलने से उनके समर्थक असंतुष्ट थे। जिसके बाद उन्होंने एक पत्र के जरिए औरंगजेब के पुत्र मोहम्मद अकबर से रायगढ़ पर हमला कर साम्राज्य का हिस्सा बनाने की गुजारिश की। मोहम्मद अकबर संभाजी की शूरवीरता से परिचित था। जिसके चलते उसने वह पत्र संभाजी को भेज दिया। इस राजद्रोह से क्रोधित होकर छत्रपति संभाजी ने अपने सभी गद्दार सामंतों को मृत्युदंड दिया। इस बात का फायदा उठाकर अकबर ने दक्षिण भागकर संभाजी का आश्रय ग्रहण किया और संभाजी के खिलाफ पूरी ताकत लगा दी।
संभाजी ने 1683 में पुर्तगालियों को पराजित किया था। इस पश्चात वह किसी राजकीय कार्य से संगमेश्वर में रह रहे थे। लेकिन जब वह जिस दिन रायगढ़ जाने के लिए निकलने वाले थे, उसी दिन कुछ ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्या बताई। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए अपने साथ सिर्फ 200 सैनिक रखे और बाकी सैनकों को रायगढ़ जाने का आदेश दिया। इसी बात का फायदा उठाकर और संभाजी से गद्दारी कर उनके साले गरुढ़ जी शिरके ने मुगल सरदार मुकरन खान के साथ गुप्त रास्ते से पांच हजार फौज के साथ संभाजी पर हमला कर दिया।
बता दें कि यह वह रास्ता था जो सिर्फ मराठों को पता था। संभाजी राजे और उनकी 200 सैनिकों ने मुग़ल सेना से लड़ने का प्रयास किया लेकिन वह इसमें असमर्थ रहे। जिसके बाद संभाजी अपने खास मित्र कवि कलश के साथ बंदी बना लिए गए। वहीं संभाजी से परेशान और गुस्साए औरंगजेब क्रूरता एवं अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। औरंगजेब ने 11 मार्च 1689 को दोनों की जुबान कटवा दी, आंखे निकलवा ली और उनकी हत्या कर दी।
इतिहासकारों के अनुसार औरंगजेब ने संभाजी महाराज को इस्लाम अपनाने को कहा था। गंभीर यातनाओं के अधीन होने के बाद भी, संभाजी ने अपना पक्ष रखा और धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया। उनके सर्वोच्च बलिदान और युद्ध जीतने की रणनीति ने उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए महानता का प्रतीक बना दिया।
Chhatrapati sambhaji maharajs death anniversary today know how this great king died
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
इसे कहते हैं गजब की फील्डिंग…पथुम निसंका ने बाउंड्री पर चीते जैसी फुर्ती से लपका जबरदस्त कैच, देखें वीडियो
Feb 16, 2026 | 11:54 PMT20 विश्वकप 2026 में पथुम निसांका का जलवा, जड़ा टूर्नामेंट का पहला शतक, एक साथ बनाए ये दो बड़े रिकॉर्ड
Feb 16, 2026 | 11:40 PMपितरों को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है फाल्गुन अमावस्या, इस विधि से करें तर्पण, सुख-समृद्धि के बनेंगे योग
Feb 16, 2026 | 11:26 PMकल साल का पहला सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलती!
Feb 16, 2026 | 11:05 PMAUS vs SL: पथुम निसंका ऐतिहासिक शतक, श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर सुपर-8 में मारी एंट्री
Feb 16, 2026 | 10:39 PMइंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PMकर्नाटक में छिन गई ‘कांग्रेसी’ की कुर्सी…हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया चुनाव, एक गलती ने 3 साल बाद पलट दी बाजी!
Feb 16, 2026 | 10:00 PMवीडियो गैलरी

प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM
ATM जाने के बहाने निकलीं और बन गईं हिंदू परिवार की बहू! छतरपुर में दो चचेरी बहनों के अंतरधार्मिक विवाह पर बवाल
Feb 16, 2026 | 09:19 PM
Video: भारत की जीत पर क्यों खुश हो रहा है बलूचिस्तान और अफगानिस्तान? बलूचों का डांस करते वीडियो वायरल
Feb 16, 2026 | 02:01 PM










