ईरान से भारतीय छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंचा चार्टर्ड विमान, ऑपरेशन सिंधु के तहत वतन वापसी करेंगे 1 हजार लोग
भारत सरकार माशहद से कुल लगभग 1,000 भारतीयों को चरणबद्ध तरीके से वतन वापस ला रही है। इस बचाव अभियान के लिए ईरान की महन एयर की चार्टर्ड फ्लाइट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- Written By: मनोज आर्या
ईरान से लौटे भारतीय छात्र, (सोर्स- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार रात लगभग 11:40 बजे ईरान के माशहद से पहला चार्टर्ड विमान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित पहुंचा। इस विमान में भारतीय छात्र और नागरिक सवार थे जो युद्धरत ईरान में फंसे हुए थे।
भारत सरकार माशहद से कुल लगभग 1,000 भारतीयों को चरणबद्ध तरीके से वतन वापस ला रही है। इस बचाव अभियान के लिए ईरान की महन एयर की चार्टर्ड फ्लाइट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। ईरान में भारतीय दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हम भारतीयों को अपने ही लोगों की तरह मानते हैं। ईरान का एयरस्पेस बंद है लेकिन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए हम इसे अस्थायी रूप से खोलने का प्रबंध कर रहे हैं।
भारत ने शुरू किया है ऑपरेशन सिंधु
इससे पहले ईरानी अधिकारी ने कहा था कि पहली फ्लाइट शुक्रवार रात दिल्ली पहुंचेगी और शनिवार को दो और फ्लाइट्स भारत रवाना होंगी। दूसरी फ्लाइट शनिवार सुबह अशगाबात से रवाना होकर करीब 10 बजे दिल्ली पहुंचेगी, जबकि तीसरी फ्लाइट शनिवार शाम को भारत पहुंचेगी। यह राहतभरा कदम उस समय उठाया गया है जब ईरान और इजरायल के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। ऐसे में भारत सरकार ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेशन सिंधु की शुरुआत की, जिससे न सिर्फ छात्रों बल्कि अन्य फंसे हुए भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा सके। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और संकट की इस घड़ी में हर जरूरी सहायता प्रदान की जा रही है।
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पहले चरण में ईरान से निकाले गए 110 भारतीय
निकासी प्रयास के पहले चरण के रूप में, 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित रूप से उत्तरी ईरान से बाहर निकाला गया और सीमा पार करके आर्मेनिया पहुंचाया गया। इस यात्रा की निगरानी ईरान और आर्मेनिया में भारतीय मिशनों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इसके बाद छात्र 18 जून को दोपहर 2:55 बजे अर्मेनियाई राजधानी येरेवन से एक विशेष उड़ान में सवार हुए और गुरुवार की सुबह सुरक्षित रूप से नई दिल्ली पहुंच गए। ईरान में करीब 10,000 भारतीय हैं, जिनमें से करीब 1,500-2,000 छात्र और 6,000 लोग वहां रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। ईरान से छात्रों को सफलतापूर्वक निकालने के एक दिन बाद, सरकार ने गुरुवार को उन भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया शुरू की जो बढ़ते तनाव के बीच इजराइल छोड़ना चाहते हैं।
