हरनाथ सिंह यादव के नेपथ्य में पीएम मोदी व अमित शाह (डिजाइन फोटो)
Harnath Singh Yadav on Reservation: भारतीय सियासत में जाति और आरक्षण एक ऐसा विषय है जो शायद ही कभी समाप्त होगा। यह एक ऐसा मुद्दा रहा है जिसे राजनैतिक पार्टियों ने अपने फायदे के हिसाब से इस्तेमाल किया है। यही वजह है कि देश में वक्त-वक्त पर इसमें बदलाव की मांगें उठती रही हैं। अब एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा सियासी गलियारों में गूंज उठा है।
भारत में आरक्षण का मुद्दा इतना पेचीदा हो चुका है कि यह आए दिन सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे से लेकर संसद की चौखट तक दस्तक देता रहता है। राजनैतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चाएं होना और इसमें बदलाव की मांग होना तो लगभग आम बात हो गई है। ऐसा ही कुछ एक बार फिर देखने को मिल रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जात और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में बदलाव की मांग बुलंद की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए यह बताया है कि आरक्षण का लाभ किसे नहीं मिलना चाहिए।
OBC, SC, ST वर्ग के धनवान व्यक्तियों को आरक्षण की सीमा से बाहर करना चाहिए और इन वर्गों के गरीब परिवारों के बच्चों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। जिससे आरक्षण का जो हिस्सा धनवान परिवारों को चला जाता है, वह लाभ OBC, SC, ST वर्ग के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को मिलेगा।… — हरनाथ सिंह यादव (@harnathsinghmp) March 18, 2026
पूर्व राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि OBC, SC, ST वर्ग के धनवान व्यक्तियों को आरक्षण की सीमा से बाहर करना चाहिए और इन वर्गों के गरीब परिवारों के बच्चों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। जिससे आरक्षण का जो हिस्सा धनवान परिवारों को चला जाता है, वह लाभ OBC, SC, ST वर्ग के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को मिलेगा।
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हरनाथ सिंह यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी बीजेपी और भारतीय जनता पार्टी के एक्स हैंडल्स को टैग किया है। जिसका मकसद साफ है कि उन्होंने यह मांग सीधा शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी है।
फिलहाल तो हरनाथ सिंह यादव की इस पोस्ट पर अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्ष की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर जब-जब इस तरह की कोई मांग उठी है तो उस पर जमकर हंगामा देखने को मिला है। ऐसे में एक बार फिर आरक्षण के मुद्दे पर नए बवाल के आसार दिखाई दे रहे हैं।