

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम में गुरुवार, (30 अप्रैल) की शाम एक बड़ा हादसा हुआ। जहां, तकरीबन 43 पर्यटकों से भरा एक क्रूज पानी में डूब गया, इस हादसे के बाद से अब तक कुल 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, 28 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अभी भी कुछ लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगी हुई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
घटना के वक्त मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अचानक तेज आंधी और हवा के कारण क्रूज का पायलट संतुलन खो दिया और क्रूज पानी में जा डूबी। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि क्रूज में क्षमता से अधिक लोगों को बैठा गया, जिसकी वजह से यह गंभीर हादसा हुआ। बरगी डैम क्रूज हादसा इस तरह की कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी कई घटनाएं हुईं, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। आइए एक-एक कर उन घटनाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा में 10 अप्रैल, 2026 को एक ऐसी ही घटना हुई थी। जहां वृंदावन के यमुना नदी में मोटरबोट पलटने से 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसमें से 7 लोगों एक ही परिवार के थे। वे सभी वृंदावन घूमने आए थे। मोटरबोट में सवार ज्यादातर लोग पंजाब के रहने वाले थे और वे एक धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए हुए थे। ये सभी यात्री लुधियाना और मुक्तसर जिले के लगभग 150 श्रद्धालुओं के समूह का हिस्सा थे।
इसी तरह महाराष्ट्र के सोलापुर में 23 मई 2024 को उजानी बांध पर अचानक आए तूफान में मोटरबोट पलटने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। एनडीआरएफ ने 5 लोगों का शव बरामद किया था। इनमें एक परिवार के चार सदस्य और एक नाविक शामिल हैं। इंदापुर पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत कोकाने के अनुसार, एनडीआरएफ और पुलिस बचाव दल ने जाधव परिवार और नाविक अनुराग अवघड़े के शव बरामद किए थे।
18 दिसंबर 2024 को, शाम लगभग 04:00 बजे 'नील कमल' नाम की एक प्राइवेट पैसेंजर फेरी, मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा गूफा की ओर जा रही थी। इसी दौरान भारतीय नौसेना का एक जहाज यात्रियों से भरी फरी से टकरा गया। इस दुर्घटना में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें नौसेना के तीन जवान भी शामिल थे, जबकि दो अन्य लोग लापता हो गए। इस फेरी को 90 लोगों तक को ले जाने की अनुमति थी, जिसमें चालक दल के छह सदस्य और 84 यात्री शामिल थे। हालांकि, टक्कर के समय फेरी में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, इसमें 110 से ज्यादा यात्री मौजूद थे।
तनूर नाव हादसे में 22 लोगों की मौत
केरल के मलप्पुरम जिले के तनूर में 7 मई 2023 को हुए पर्यटकों से भी एक नाव पलट गई थी, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई थी। घटना के वक्त नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। इस हादसे में मरने वालों में कुछ कुछ जोड़े भी शामिल थे, जो शादी के तुरंत बाद हनीमून मनाने के लिए केरल गए थे।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के पास इब्राहिमपट्टनम में कृष्णा नदी में 12 नवंबर, 2017 की शाम ओंगोल वॉकर्स क्लब के सदस्यों से भरी एक नाव पलटने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी। उस दौरान अधिकारियों की ओर से कहा गया था कि टूरिस्ट नाव विजयवाड़ा में जेट्टी पर पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही पलट गई और नदी किनारे से देख रहे लोगों के सामने ही यह हादसा हुआ। घटना के वक्त इस नाव में करीब 35 से 40 लोग सवार थे।
2014 हीराकुंड नाव दुर्घटना 9 फरवरी 2014 को ओडिशा में हीराकुड बांध के जलाशय में हुई थी। यह घटना तब घटी जब लगभग 115 यात्रियों को ले जा रही एक नाव पानी में पलट गई। इस दुर्घटना में 31 लोगों की मौत हो गई थी। यह दुर्घटना पिटापाली क्षेत्र के पास जलाशय के भीतर शाम लगभग 4:30 बजे घटी, जब पिकनिक मनाने वालों का एक बड़ा समूह एक खचाखच भरी मोटरबोट में लौट रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरबोट फंस गई, पानी किनारे से बाहर बहने लगा और वह पलट गई। यात्रियों ने पानी निकालने की असफल कोशिश की। कई यात्री घबराकर नाव से कूद भी गए। बाद में पता चला कि नाव में बेसिक सेफ्टी उपकरण नहीं थे।
26 जनवरी 2014 को अंडमान में भी इसी तरह की एक घटना घटी थी। जहां, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर के पास एक पर्यटक नाव पलट गई, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। एक्वा मरीन नामक बोट में तमिलनाडु और मुंबई से 45 पर्यटक सवार थे। नाव पोर्ट ब्लेयर के तट से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर डूबी और अधिकांश पर्यटक तमिलनाडु के थे। द्वीप समूह का प्रशासन भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में व्यस्त था और उन्हें 26 जनवरी 2014 को शाम 4:30 बजे इस घटना की सूचना मिली। जिला प्रशासन ने 29 से अधिक लोगों को बचा लिया, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। नाव में लाइफ जैकेट नहीं थे और न ही कोई गोताखोर सवार था।
अभी तक हम सिर्फ घटनाओं के बारे में बात कर रहे थे। हालांकि, यह भी जानना बेहद जरूरी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार इस तरह की घटना क्यों हो रही हैं और हर सालों हजारों लोग अपनी जान क्यों गंवा रहे हैं? देश में ऐसे हादसों के पीछे अक्सर कुछ सामान्य कमियां पाई जाती हैं।
इन सभी घटनाओं देखने के बाद पर्यटक और यात्रियों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह जब भी किसी क्रूज (Jabalpur Cruise Accident) , मोटरबोट या नाव पर सफर करें, तो सबसे पहले वह खुद सुरक्षा का ख्याल रखें। यात्रा से पहले लाइफ जैकेट जरूर पहने, इसके साथ ही वह इस बात का भी ध्यान रखें की जिस मोटरबोट या क्रूज पर यात्रा करने वाले हैं, वे कहीं ओवरलोडिंग तो नहीं है।