बरगी डैम हादसा: 18 घंटे बाद बाहर निकाला गया क्रूज, डिप्टी सीएम बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं

Bargi Dam Cruise Recoverd: हादसे के 18 घंटे बाद डैम से बाहर निकाला गया क्रूज, अंदर नहीं मिला कोई पर्यटक, अब तक बरामद किए जा चुके हैं 9 शव, अब भी कुछ लोग लापता, जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
Bargi Dam Cruise Recoverd
बाहर निकाला गया क्रूज (सोर्स- नवभारत)
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Cruise Accident Update: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम हादसे के 18 घंटे बाद डूबे हुए क्रूज को बाहर निकाल लिया गया है। क्रूज के अंदर से अन्य कोई पर्यटक नहीं मिला है। हादसे के बाद अब तक कुल 9 शव बरामद किए गए हैं। इधर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और हालात का जायजा लिया है।

गुरुवार शाम को हुए क्रूज हादसे के बाद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आगरा से आए गोताखोरों की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। हादसे के वक्त क्रूज में कुल 43 लोगों के होने की बात कही जा रही है। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि प्रशासन ने 28 लोगों को सुरक्षित बचाए जाने की बात कही है। ऐसे में अब भी कुछ लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

लापता लोगों को ढूंढना प्राथमिकता

इधर मंत्री राकेश सिंह के साथ डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी मौके पर पहुंचे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद आज में यहां पहुंचा हूं। ये बहुत ही दुखद हादसा है। बचाए गए लोगों के इलाज का प्रबंध किया गया है। देवड़ा ने कहा कि क्रूज में कुल 43 लोगों के सवार होने की सूचना है। 9 लोगों की डेडबॉडी रिकवर कर ली गई है। अब भी कुछ लोग लापता हैं, जिन्हें ढूंढना हमारी प्राथमिकता है।

जांच होगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

डिप्टी सीएम देवड़ा ने साफ कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान कर दिया है।

कब और कैसे हुआ था हादसा ?

गुरुवार शाम को पर्यटक बरगी डैम में क्रूज सफारी का मजा ले रहे थे। इसी दौरान तेज तूफान के चलते बोट का संतुलन बिगड़ गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। डबल डेकर क्रूज में मौजूद लोग पानी में छलांग लगाने लगे। निचले डेक में तेजी से पानी भरा, जिसके चलते लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे क्रूज के साथ ही नर्मदा में समा गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं।