

Rajiv Pratap Rudi Video: बिहार की सारण लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपने ही साथी सांसद निशिकांत दुबे पर तीखा हमला बोला है। रूटी ने निशिकांत दुबे को अहंकारी बताया है। राजीव प्रताप रूडी ने तो यहां तक कह दिया कि संसद के अंदर की सरकार से अलग हटकर निशिकांत दुबे खुद में एक सरकार हैं। लेकिन मैं उनकी सरकार का हिस्सा नहीं हूं।
राजीव प्रताप रूडी ने ये एक डिजिटल मीडिया चैनल के साथ एक वीडियो इंटरव्यू में कहीं। इस इंटरव्यू में रूडी से दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया। सवाल के जवाब में भाजपा सांसद ने कहा कि निशिकांत दुबे संसद को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब चुनाव में निशिकांत दुबे भाजपा के संजीव बालियान के लिए प्रचार कर रहे थे, जो रूडी के खिलाफ खड़े थे।
वीडियो इंटरव्यू में राजीव प्रताप रूडी से दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब चुनाव को लेकर सवाल पूछे जा रहे थे। इसमें उनसे पूछा गया कि इस चुनाव में उनकी अपनी पार्टी उनके खिलाफ थी। उनसे आगे पूछा गया कि क्या गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके खिलाफ प्रचार किया था? इसके जवाब में राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि यह ग़लत सूचना एक ऐसे व्यक्ति ने फैलाई है जो सोचता है कि वह एक सांसद के तौर पर संसद को नियंत्रित करता है।
वह संसद में ऐसा तमाशा चलाता है। इसी व्यक्ति ने इस मामले में गृह मंत्री का नाम लिया था। इस पर इंटरव्यूअर रूडी से पूछता है कि क्या आप निशिकांत दुबे की बात कर रहे हैं। इस पर रूडी कहते हैं कि आपको कैसे पता कि मैं दुबे की बात कर रहा हूं? फिर वह आगे कहते हैं कि मुझे लगता है आप सही हैं।
रूडी ने आगे कहा कि कि कभी-कभी कुछ लोग अहंकारी हो जाते हैं। इसके बाद उनसे पूछा जाता है कि वह एक साथी सांसद हैं और आपकी पार्टी से हैं। इस पर रूडी कहते हैं कि वे संसद में एक शो चलाते हैं। वह ऐसा दावा करते हैं। उन्होंने तय किया था कि मैं दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब का चुनाव नहीं जीतूंगा।
आगे रूडी से पूछा जाता है कि निशिकांत दुबे को आपसे क्या परेशानी है? इसके जवाब में भाजपा सांसद कहते हैं कि उनकी परेशानी यह है कि वह संसद में शो चलाना चाहते हैं। सरकार से अलग, वह खुद एक सरकार हैं और मैं उनकी सरकार का हिस्सा नहीं हूं।
रूडी ने आगे कहा कि दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब चुनाव में उन्हें अमित शाह और जेपी नड्डा का पूरा समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारकर गलत तरीके से विवाद पैदा करने की कोशिश की गई। इसके पीछे निशिकांत दुबे का हाथ था।