ममता बनर्जी व पीएम मोदी (डिजाइन फोटो)
BJP Tactics For Assembly Elections: पश्चिम बंगाल और केरलम विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह कमर कस ली है। सियासी शतरंज की बिसात पर खेले जाने वाले सत्ता के इस ‘महाखेल’ के लिए भाजपा ने रणनीति भी तैयार कर ली है। यह रणनीति ऐसी है जो विरोधियों खासकर बंगाल में ममता बनर्जी के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
भारतीय जनता पार्टी में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए बिना चुनाव मैदान में उतरेगी। बिना सीएम फेस के चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति भाजपा के लिए कई राज्यों में असरदार साबित हो चुकी है। इसके साथ ही पार्टी अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने के लिए बड़े नेताओं को भी चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं बीजेपी अपने मौजूदा विधायकों के साथ-साथ कई पूर्व सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में उतार सकती है।
बताया तो यह भी जा रहा है कि भाजपा इस बार लोकसभा के कुछ मौजूदा सांसदों को भी विधानसभा चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि बड़े और प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारने से संगठनात्मक ताकत और चुनावी प्रदर्शन दोनों मजबूत हो सकते हैं।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी इस बार भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी। उसका फोकस सामूहिक नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के चेहरे पर चुनाव लड़ने पर रहेगा। चुनावी अभियानों और पोस्टर्स में पीएम मोदी के चेहरे और केंद्र सरकार के कामकाज को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
दूसरी तरफ केरलम में भी बीजेपी बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनावी मैदान में उतरने वाली है। राज्य की 140 विधानसभा सीटों पर पार्टी एनडीए के सहयोगी दलों के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। जानकारी के मुताबिक बीजेपी करीब 90 से 100 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी तो बाकी की 40 सीटें सहयोगी दलों के बीच बांटी जाएंगी।
साल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन पार्टी को कोई सीट नहीं मिल सकी थी। इस खराब अनुभव को देखते हुए इस बार पार्टी ने बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाई है।
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दक्षिण भारतीय राज्य केरलम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ राज्य के कुछ प्रमुख नेताओं को भी पोस्टरों और अभियान में जगह दी जाएगी। जिसमें केरलम बीजेपी के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर और भारतीय जन धर्म सेना के प्रमुख तुषार वेल्लापल्ली शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल केरलम में हाल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से काफी बीजेपी बेहद उत्साहित है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में पहली बार पार्टी का मेयर बनने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि इस बार विधानसभा चुनावों में भी उसे पहले से बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिल सकता है।