बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rajya Sabha Election 2026: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर अलग-अलग राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। बिहार के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को हरियाणा का पर्यवेक्षक बनाया गया है। जबकि, ओडिशा की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दी गई है।
इससे पहले 4 मार्च, 2026 को भारतीय जनता पार्टी ने छह राज्यों में राज्यसभा के 2026 के द्विवार्षिक चुनावों के लिए नौ उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा समेत बिहार से कुल 5 उम्मीदवार चुनाव के लिए नामांकन कर चुके हैं।
बिहार में जहां पांच सीटें खाली हो रही हैं, भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन और राज्य नेता शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
असम में तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। भाजपा ने मौजूदा विधायक तेराश गोवाला और कैबिनेट मंत्री जोगेन मोहन को मैदान में उतारा है।
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा चुनाव के लिए अलग-अलग राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं: बिहार- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा हरियाणा- गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ओडिशा-… pic.twitter.com/JqjIVX1ZAL — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 9, 2026
हरियाणा में जहां दो सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया गया है। ओडिशा में चार सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, भाजपा ने पार्टी के ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और निवर्तमान राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है। पश्चिम बंगाल में, जहां पांच सीटों पर चुनाव होने हैं, पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है।
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राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। एनडीए के पास 202 विधायक हैं। ऐसे में 4 सीटों पर जीत के बाद 38 वोट बचेंगे। लिहाजा उसे 5वीं सीट पर जीत के लिए 3 अतिरिक्त वोट की दरकार होगी। उधर आरजेडी को महागठबंधन के 35 विधायकों का सपोर्ट है। ऐसे में उसे जीत के लिए 6 अतिरिक्त वोट चाहिए। 16 मार्च को चुनाव के दौरान एआईएमआईएम के 5 और बीएसपी के एक विधायक के निर्णय पर हार-जीत का फैसला होगा। हालांकि एनडीए का दावा है कि विपक्ष के कई विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे।