जन्मदिन विशेष: IAS अफसर से सियासत में पहुंचने वाला वो दिग्गज नेता जिसने ‘अटल’ के साथ की कदमताल अब उन्हीं के नाम से बनाई पार्टी
आज यानी बुधवार 6 नवंबर को भारतीय राजनीति के एक ऐसे दिग्गज नेता का जन्मदिन है। जिसने चंद्रशेखर की सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली है तो अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में विदेश मंत्रालय का ओहदा भी संभाला है।
- Written By: अभिषेक सिंह
यशवंत सिन्हा (सोर्स-सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क: आज यानी बुधवार 6 नवंबर को भारतीय राजनीति के एक ऐसे दिग्गज नेता का जन्मदिन है। जिसने चंद्रशेखर की सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली है तो अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में विदेश मंत्रालय का ओहदा भी संभाला है। जिसने जनता पार्टी से राजनीतिक सफर का आगाज किया। अटल के दौर में भाजपा का साथ निभाया। तृणमूल कांग्रेस में भी बड़े पदों पर रहे और अब खुद की पार्टी के मुखिया है।
अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं तो अब तक यह समझ गए होंगे कि हम किस नेता की बात कर रहे हैं! लेकिन फिर भी नाम बताना हमारी जिम्मेदारी है। जी हां, आज यशवंत सिन्हा 87वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर आइए जानते हैं उनके राजनीतिक करियर के बारे में।
पटना में जन्म और पढ़ाई
यशवंत सिन्हा का 6 नवंबर 1997 जन्म बिहार के पटना में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में बीए ऑनर्स किया। उन्होंने 1958 में राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1962 तक पटना विश्वविद्यालय में इस विषय को पढ़ाया भी। सिन्हा ने जनता दल से राजनीतिक सफर का आगाज किया था।
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हजारीबाग से तीन बार बने सांसद
यशवंत सिन्हा तीन बार (1998, 1999 और 2009) हजारीबाग लोकसभा सीट से सांसद और संयुक्त बिहार में रांची विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। वह 1990 से 1991 तक चंद्रशेखर सरकार और केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री और विदेश मंत्री रह चुके हैं।
2020 में फिर हुए सक्रिय
2014 में भारतीय जनता पार्टी ने हजारीबाग सीट से यशवंत सिन्हा की जगह उनके बड़े बेटे जयंत सिन्हा को मैदान में उतारा था। 2014 में बेटे के सांसद बनने के बाद यशवंत सिन्हा ने भी राजनीति से अघोषित संन्यास ले लिया था, लेकिन 2020 में वह फिर से सक्रिय हो गए। उन्होंने अटल विचार मंच के नाम से नई पार्टी बनाई है।
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यशवंत सिन्हा की गिनती देश के तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में होती थी। राजनीति में आने से पहले यशवंत सिन्हा 24 साल तक कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं। 1984 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद यशवंत सिन्हा ने राजनीति का रुख किया और जनता पार्टी में शामिल हो गए।
जनता पार्टी से शुरू किया सियासी सफर
1986 में उन्हें पार्टी का अखिल भारतीय महासचिव नियुक्त किया गया और 1988 में उन्हें राज्यसभा (भारतीय संसद का ऊपरी सदन) का सदस्य चुना गया। 1989 में जब जनता दल का गठन हुआ तो उन्हें पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया।
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वेबसाइट myneta.info के अनुसार यशवंत सिन्हा के पास 3,65,76,217 रुपये की संपत्ति है। उनके पास नोएडा में एक घर है जिसकी कीमत 3 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उनकी पत्नी के पास झारखंड के हजारीबाग में एक कृषि भूमि है जिसकी कीमत 1.5 लाख रुपये है।
