सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
Bihar News: बिहार के सीमांचल और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की अटकलों पर केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से इनकार करते हुए इसे पूरी तरह अफवाह बताया है।
दरअसल हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ कई बैठकों में हिस्सा लिया। इसके बाद यह चर्चाएं शुरू हो गईं कि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इस मुद्दे पर Mamata Banerjee ने भी आरोप लगाया था कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा बंगाल को बांटने की कोशिश कर रही है।
हालांकि इन दावों को पीआईबी के फैक्ट चेक ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीआईबी ने स्पष्ट कहा कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और इस तरह की खबरें निराधार हैं। गृह मंत्रालय या किसी भी आधिकारिक संस्था ने ऐसी किसी योजना की पुष्टि नहीं की है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट और संवेदनशील खबरों को साझा करने से बचें, क्योंकि इससे क्षेत्रीय भावनाएं भड़क सकती हैं।
🚨 Fake News Alert Social media posts are claiming that the Government is planning to create a new Union Territory comprising districts from Bihar and West Bengal near the Siliguri corridor.#PIBFactCheck ❌ This claim is #Fake ✅There is no such proposal under consideration… pic.twitter.com/jv8Fi9RKnF — PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 7, 2026
दरअसल, अफवाहों में कहा जा रहा था कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र के जिलों- पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया को पश्चिम बंगाल के मालदा, उत्तर दिनाजपुर और सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़कर नया प्रशासनिक क्षेत्र बनाया जा सकता है। लेकिन सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बिहार और बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
बताया जा रहा है कि यह चर्चा उस समय तेज हुई जब अमित शाह ने हाल ही में सीमांचल और उत्तर बंगाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ और ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी। इसी बीच भारतीय सेना ने सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किशनगंज (बिहार) और पश्चिम बंगाल में नई चौकियां भी स्थापित की हैं।
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गौरतलब है कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में स्थित लगभग 20 से 22 किलोमीटर चौड़ी संकरी भूमि पट्टी है, जो मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ती है। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार यहां करीब 40 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड रेलवे परियोजना पर भी काम कर रही है, ताकि युद्ध या आपदा की स्थिति में पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क बनाए रखा जा सके। हालांकि इसके लिए किसी भी तरह के भौगोलिक या प्रशासनिक बदलाव की कोई योजना नहीं है।