बिहार की हार पर चिल मोड़ में कांग्रेसी
Congress Reaction on Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और महागठबंधन की करारी हार हुई है, और पार्टी 2010 के बाद अपने सबसे खराब प्रदर्शन पर सिमट गई है। इस हार पर जहां दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं और नतीजों को ‘अविश्वसनीय’ करार दिया है, वहीं पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का बयान बिल्कुल अलग ही कहानी कह रहा है। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार इस हार पर ‘चिल’ मोड में नजर आए और उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं, जो हुआ सो हुआ।
यह बयान उस वक्त आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी हार पर गंभीर मंथन कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने बिहार के नतीजों पर कहा, ”नतीजे आ गए हैं। चिंता क्यों? छोड़ो। जो हुआ सो हुआ। हमारे नेता पहले ही इस पर अपनी राय दे चुके हैं।” यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के आधिकारिक रुख से बिल्कुल मेल नहीं खाती, जो हार का ठीकरा ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग पर फोड़ रही है।
एक तरफ शिवकुमार का ‘चिल’ बयान है, तो दूसरी तरफ दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने हार के बाद लंबी मंत्रणा की। इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू शामिल हुए। पार्टी ने बिहार में 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और केवल छह सीटें ही जीत पाईं। यह 2010 (जब 4 सीटें जीती थीं) के बाद पार्टी का सबसे घटिया प्रदर्शन है।
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बैठक के बाद राहुल गांधी ने तो मीडिया से बात नहीं की, लेकिन केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया संदिग्ध है और इसमें कोई पारदर्शिता नहीं है। वेणुगोपाल ने कहा, “बिहार चुनाव के ये नतीजे हम सभी के लिए अविश्वसनीय हैं। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, हमारे गठबंधन सहयोगी भी इस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि पार्टी जल्द ही परिणामों का विश्लेषण करेगी और अगले कुछ हफ्तों में ठोस सबूत भी पेश करेगी।