AAP के 7 सांसदों की बगावत के बीच ‘अडिग’ रहे बलबीर सीचेवाल; क्यों ठुकराया पाला बदलने का ऑफर?
Balbir Singh Seechewal News: आप के 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच बलबीर सिंह सीचेवाल ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें भी पाला बदलने का ऑफर था।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
AAP सांसद बलबीर सीचेवाल, फोटो- सोशल मीडिया
Punjab Politics: आम आदमी पार्टी के सात कद्दावर नेताओं के भाजपा में चले जाने के बाद अंदरखाने की हलचल साफ देखने को मिल रही है। पार्टी के सभी नेताओं ने इसकी जमकर आलोचना की। सातों सांसदों को गद्दार तक बोल दिया गया। हाल ही में सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि उनको भी भाजपा में आने का न्योता दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
पंजाब की राजनीति में मचे घमासान और आम आदमी पार्टी में हुई बड़ी टूट के बीच सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल इस समय चर्चा में हैं। जहां एक ओर राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे कद्दावर नेताओं सहित 7 सांसदों के भाजपा में जाने की चर्चा है, वहीं सीचेवाल ने साफ कर दिया है कि वे न तो किसी पद के लालच में हैं और न ही किसी दबाव में झुकेंगे।
विक्रम साहनी का फोन, पाला बदलने का दबाव
सीचेवाल ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें राज्यसभा सांसद विक्रम साहनी का फोन आया था। साहनी ने उन्हें नए समूह में शामिल होने का न्योता दिया और दावा किया कि कई अन्य सांसद पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं। सीचेवाल के अनुसार, उन्हें राघव चड्ढा और अन्य बागियों ने ‘चाय पर बैठने’ के लिए भी बुलाया था, लेकिन उन्होंने इस तरह की किसी भी डील या पार्टी छोड़ने की चर्चा में शामिल होने से स्पष्ट इनकार कर दिया।
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पंजाब में चड्ढा-पाठक की पकड़ गहरी: सीचेवाल
सीचेवाल ने स्वीकार किया कि पंजाब की राजनीति और प्रशासन पर राघव चड्ढा और संदीप पाठक का बेहद मजबूत प्रभाव रहा है। एक समय ऐसा था जब राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भी फैसलों के लिए इन्हीं नेताओं की ओर देखते थे और राजनीतिक गलियारों में चड्ढा को ‘सुपर CM’ तक कहा जाता था। हालांकि, सीचेवाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें राज्यसभा का पद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद ऑफर किया था, न कि दिल्ली के नेतृत्व ने, इसलिए उनका समर्पण पंजाब और जनसेवा के प्रति है।
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जहां आम आदमी पार्टी नेतृत्व बागी सांसदों को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित कर रहा है, वहीं सीचेवाल ने इस पर एक बेहद संतुलित और संयमित रुख अपनाया है। उन्होंने गुरबाणी का हवाला देते हुए कहा कि कठोर शब्द बोलने से व्यक्ति का अपना मन भी कठोर हो जाता है।
ऑपरेशन लोटस पर क्या बोले सीचेवाल?
तथाकथित ‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोपों पर बोलते हुए सीचेवाल ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए रणनीति बनाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से भाजपा की ओर से किसी प्रकार के दबाव या संपर्क का सामना नहीं करना पड़ा। उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को उठाना और जनसेवा करना है।
