
नई दिल्ली: लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के महाकुंभ को लेकर दिए गए बयान और आयोजन की प्रशंसा के बाद से विपक्ष में नाराजगी बढ़ गई है। सदन में पीएम ने महाकुंभ के सफल और वृहद आयोजन की जमकर तारीफ करने के साथ उसे राम मंदिर निर्माण से जोड़कर देश व्यापी मेला बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व भर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि पीएम की स्पीच के बाद नाराज विपक्ष ने सदन से वॉक आउट कर दिया।
पीएम मोदी ने प्रयागराज में लगे महाकुंभ को विश्व का सबसे बड़ा अध्यात्मिक मेला बताया और उसके सफल आयोजन के लिए योगी सरकार की प्रशंसा भी की। लेकिन उनकी स्पीच के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया। सपा नेताओं ने महाकुंभ की अधूरी तस्वीर पेश करने की बात कहते हुए बयान पर हंगामा कर दिया।
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पीएम मोदी के महाकुंभ को लेकर संसद में दिए गए बयान के बाद विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी उन्हें संसद में भी बोलने का मौका नहीं देते हैं। समाजवादी पार्टी से अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि पीएम मोदी ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर कई बड़ी बातें की लेकिन मेले में हुई भगदड़ के दौरान मरने वालों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। यह उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है। पीएम के भाषण के दौरान घटना में मरने वालों के प्रति दु:ख तक नहीं जताया गया। इस लिए हमने सदन से वॉकआउट करने का निर्णय लिया।
विपक्ष का कहना था कि महाकुंभा का आयोजन काफी वृहद रहा और करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी भी लगाई। हम आयोजन की सराहना करते हैं लेकिन पीएम को सदन में महाकुंभ पर चर्चा करने के दौरान कम से कम मृतकों को श्रद्धांजलि तो देनी ही चाहिए थी। यह उनका नैतिक दायित्व है।






