हर जगह औरंगजेब नजर आता है! हिंदूवादी संगठन ने स्वतंत्रता सेनानी की पेंटिंग पर पोती कालिख, होगा एक्शन
Ghaziabad: प्लेटफॉर्म की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई चित्र बनाए गए थे. 18 अप्रैल को हिंदू रक्षा दल के 20 कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने एक पेंटिंग को Aurangzeb की तस्वीर समझकर उस पर कालिख पोत दी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
हर जगह औरंगजेब नजर आता है! हिंदूवादी संगठन ने स्वतंत्रता सेनानी की पेंटिंग पर पोती कालिख, होगा एक्शन
नवभारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बनी पेंटिग्स को लेकर हंगामा शुरू हो गया। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर बनाई गई एक तस्वीर को औरंगजेब की तस्वीर समझकर उस पर कालिख तक पोत डाली। इसके बाद DRM ने उस तस्वीर की सच्चाई भी बताई है।
बता दें कि रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई चित्र बनाए गए थे। 18 अप्रैल को हिंदू रक्षा दल के करीब 20 कार्यकर्ता गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पहले जमकर नारेबाजी की और फिर एक पेंटिंग को औरंगजेब की तस्वीर समझकर उस पर कालिख तक पोत दी। पेंटिंग पर कालिख पोतने के बाद उन्होंने उस पर ‘हिंदू रक्षा दल’ भी लिख दिया।
औरंगजेब का नामो-निशान हटा दिया जाए
दरअसल कार्यकर्ताओं में औरंगजेब की फोटो को लेकर नाराजगी थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि रेलवे सरकारी संपत्ति है। हम चाहते हैं कि भारत की पावन धरती से औरंगजेब का नामो-निशान हटा दिया जाए. मुस्लिम आक्रांताओं की तस्वीरों का क्या मतलब है? इन्होंने हिंदुस्तान को लूटा। यह नहीं चलने दिया जाएगा। अफसरों को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
विवाद बढ़ने पर मौके पर GRP पहुंची, जिसके बाद कार्यकर्ता वहां से निकल गए।
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DRM ने बताई सच्चाई
इस मामले पर DRM का कहना है कि जिस तस्वीर पर कालिख पोती गई है, वो औरंगजेब की थी ही नहीं, बल्कि आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की थी। DRM पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि हम इस मामले पर अभी पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। लेकिन वो तस्वीर औरंगजेब की नहीं थी। वो बहादुर शाह जफर की तस्वीर थी। बहादुर शाह जफर ने 1857 की लड़ाई में अच्छी भागीदारी निभाई थी और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना गलत है। जानकारी संज्ञान में आई है। हम इस पर कार्रवाई करेंगे।
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इस घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें कार्यकर्ताओं को भगवा झंडे लहाराते और नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में ब्लैक कलर का स्प्रे भी दिख रहा है।
