टाटा-अडानी जैसी कंपनियां बनाएंगी मिसाइल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने बदली रणनीति; जानें इसके मायने
Astra Mk-2 Missile: भारत सरकार, रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने पर विचार कर रही है। विदेशों में बढ़ती भारतीय हथियारों की मांग को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
- Written By: अमन मौर्या
भारत का रक्षा कार्यक्रम (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
India Defence Manufacturing: भारत सरकार अपने रक्षा क्षेत्र में बड़ा करने जा रही है। सरकार रक्षा निर्माण क्षेत्र में निजी कंपनियों को लाने पर विचार कर रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के आधिकारिक दौरे पर थे। इस दौरान इंडोनेशिया ने भारत में बनी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइलें भी खरीदने में रुचि दिखाई। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘अस्त्र’ एक ‘बियॉन्ड-विजुअल-रेंज’ मिसाइल है, जिसे तेजी से दिशा बदलने वाले दुश्मन के विमानों को ट्रैक करके नष्ट करने के लिए बनाया गया है।
इसके बाद से ही भारत सरकार इसके उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है। इसको लेकर सरकार अब मिसाइल कार्यक्रम में निजी कंपनियों को लाने पर विचार कर रही है। फिलहाल अभी तक भारत में सरकारी कंपनियां ही मिसाइल कार्यक्रम में रही हैं, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार अब रक्षा क्षेत्र में भी निजी कंपनियों को लाना चाहती है।
विदेशों में बढ़ी भारतीय हथियारों की मांग
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ‘अस्त्र मार्क-2 मिसाइल’ को लेकर समझौता हुआ था। इस समझौते के बाद इसके उत्पादन को लेकर सरकार विचार कर रही है। वर्तमान में अस्त्र मार्क-2 का निर्माण भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा ही किया जाता है। यह अभी भारतीय सेना की मांग को ही नहीं पूरा कर पा रहा है।
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इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के बाद से विदेशों में भी भारतीय हथियारों की मांग बढ़ी है। इसलिए भारत सरकार रक्षा उत्पादन में बढ़ावा देने के उद्देश्य से निजी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल करने की योजना पर विचार कर रही है।
टाटा, अडानी समेत इन कंपनियों को मिल सकता है मौका
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से दुनियाभर के कई देश भारतीय हथियारों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार हथियारों के मांग और आपूर्ति में कोई जोखिम उठाना नहीं चाहती। सरकार अपने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए जल्द ही निजी कंपनियों को लाने पर विचार कर रही है। खबरों के मुताबिक, सरकार टाटा समूह, अडानी समूह, ICOMM, भारत फोर्ज, महिंद्रा जैसे बड़े प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित कर सकती है।
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ऑपरेशन सिंदूर से चर्चा में आई भारतीय मिसाइलें
ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत की ब्रह्मोस मिसाइल ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरीं। इसके अलावा भारत की अस्त्र मार्क-2 मिसाइल ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह मिसाइल करीब 180 से 200 किलोमीटर तक हवा से हवा में मार करने में सक्षम है। खास बात है कि यह मिसाइल पूरी तरह से भारत निर्मित है। इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है।
