लाठी-डंडों से लैस भीड़ का वन कार्यालय पर हमला, असम में भूटान सीमा के पास बवाल; एक वनकर्मी घायल
Assam Runikhata Forest Office Attack: असम के चिरांग में अतिक्रमण हटाने पर बवाल। भूटान सीमा के पास वन कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी, भीड़ ने सरकारी वाहनों को फूंका।
- Written By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्म इमेज (सोर्स- एआई जनरेटेड)
Assam Chirang District Violence: असम के चिरांग जिला में भूटान सीमा से सटे इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। वन विभाग ने आरक्षित जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई रिपु-चिरांग आरक्षित वन क्षेत्र में की गई, जो सीमा के पास स्थित संवेदनशील इलाका है।
अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कटाई और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। मामले की गंभीरता को देख पुलिस ने त्वरिता से कार्रवाई की।
प्रदर्शनकारियों ने की आगजनी
हिरासत में लिए गए लोगों के समर्थन में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने रुनीखाटा रेंज कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की। भीड़ ने सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कार्यालय के फर्नीचर को भी जलाकर सड़क पर फेंक दिया।
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सड़क को किया जाम
मीडिया रिपोर्टे्स की मानें तो पता चलता है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। इस हिंसा में एक वनकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। आरोप है कि भीड़ लाठी-डंडों से लैस होकर आई थी और उसने जमकर उत्पात मचाया।
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प्रदर्शनकारियों ने लगाए आरोप
हिंसा बढ़ने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और धीरे-धीरे भीड़ को तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वन विभाग ने पहले दिन की कार्रवाई के दौरान उन पर हमला किया, जिसमें दो महिलाएं घायल हुईं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि यदि कोई शिकायत है तो उसे आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सड़क जाम करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बल तैनात हैं।
