

Arunachal Pradesh Anti-Drug Campaign: अरुणाचल प्रदेश में प्रशासन ने अवैध गांजे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गांजे की खेती के खिलाफ अभियान में शनिवार को पूर्वी सियांग जिले में प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए गांजे की फसल को नष्ट कर दिया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब इस तरह की खेती को जनपद में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। वो इसका सेवन करके पथभ्रष्ट हो रहे हैं।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रमुख रूप से पुलिस कर्मियों, वन अधिकारियों और जिला प्रशासन से जुड़े लोग शामिल थे। गांजे की फसल के खिलाफ कार्रवाई की पूरी रूपरेखा पहले ही निर्धारित कर ली गई थी, उसी के आधार पर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह पूरा अभियान नगर मजिस्ट्रेट संजय ताराम और नशा-विरोधी दस्ते के प्रभारी अयूप बोको के नेतृत्व में चलाया गया था। इस कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया था कि किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए, सब कुछ नियमों के अनुरूप हो।
प्राप्त सूचना के मुताबिक, कार्रवाई शुरू करने से पहले पूरी औपचारिकताओं को संपन्न किया गया। इसके बाद पूरी वीडियोग्राफी भी की गई, जिससे कि आगामी दिनों में एक सबूत के रूप में इसे पेश भी किया जाए। इस कार्रवाई के बाद पूर्वी सियांग जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने नशे की समस्या के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थ को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की तरफ से इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जिलेभर के लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास गांजे की फसल से संबंध में या उगाही के संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना आती है, तो प्रशासन को तुरंत इसकी जानकारी दें। इससे कार्रवाई में आसानी होगी।
इसके पहले भी अरुणाचल प्रदेश में अवैध गांजे के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। पिछले महीने भी ईस्ट सियांग पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई में स्थानीय संगठनों की मदद से मेबो सब-डिवीजन में कई हेक्टेयर गांजे की खेती को नष्ट की गई थी। इसके अलावा पाक्के केसांग जिले में भी कार्रवाई की गई थी। सेडे नतुंग गांव के पास कार्रवाई में करीब 20,000 वर्ग मीटर में फैली अवैध गांजे की खेती नष्ट की गई थी।