शांतनु सिन्हा की सेवा समाप्त, नहीं मिला इस्तीफे का मौका, ED कार्रवाई के बाद पर सुवेंदु सरकार की बड़ी कार्रवाई

ED Land Syndicate Case Bengal: मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े सिंडिकेट के मामले में राज्य सरकार ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास की सेवा विस्तार समाप्त कर दी हैं।
Shantanu Sinha's Services Terminated; Denied Opportunity to Resign—Suvendu-Led Government Takes Major Action Following ED Proceedings.
शांतनु सिन्हा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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DC Shantanu Sinha Sacked: कोलकाता पुलिस के डीसी शांतनु सिन्हा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ईडी की कार्रवाई के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार ने  कार्रवाई करते हुए शांतनु सिन्हा बिस्वास की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने बीते दिनों गिरफ्तार किया था। शांतनु सिन्हा बिस्वास उन अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें पूर्व की ममता बनर्जी सरकार ने दो साल का सेवा विस्तार दिया था।

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही लगातार शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। इसी क्रम में नई भाजपा सरकार ने सिन्हा बिस्वास का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया है।

इस्तीफा देने का नहीं मिला मौका

राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, सेवा विस्तार पाने वाले अन्य अधिकारियों के विपरीत, सिन्हा बिस्वास को इस्तीफा देने का अवसर नहीं दिया गया। इसके बजाय, राज्य सरकार ने सीधे तौर पर उनका सेवा विस्तार समाप्त कर दिया। बीते दिनों ईडी ने कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े सिंडिकेट के कुछ मामलों के संबंध में की, जिसमें एक कुख्यात और फिलहाल फरार 'हिस्ट्री-शीटर' बिस्वजीत पोद्दार उर्फ 'सोना पप्पू' भी शामिल है।

लुकआउट नोटिस हुआ था जारी

गुरुवार रात गिरफ्तारी से पहले, ED के अधिकारियों ने शांतनु से लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की थी। इससे पहले जब ईडी से पूछताछ के लिए कई नोटिस मिलने के बाद शांतनु सिन्हा फरार हो गए थे, तब एजेंसी ने उनके खिलाफ 'लुकआउट नोटिस' जारी किया था। सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस के 12 अन्य पुलिसकर्मी, जो सिन्हा बिस्वास के सेवाकाल के दौरान उनके करीबी विश्वासपात्र थे।

अब ईडी की जांच के दायरे में हैं। इन पर उसी मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े सिंडिकेट मामले में शामिल होने का आरोप है, जिसमें शहर पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर को गिरफ्तार किया गया था।

कारोबारियों से गठजोड़ का आरोप

शांतनु पर आरोप है कि सोना पप्पू, गिरफ्तार रियल एस्टेट कारोबारी जॉय कामदार और डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के नेतृत्व वाले कुछ पुलिसकर्मियों का यह गठजोड़ कोलकाता और आसपास के इलाकों में विवादित जमीनों और संपत्तियों को बेहद कम कीमत पर कब्जाने का काम करता था। बाद में इन्हें बड़े मुनाफे वाले रियल एस्टेट कारोबार में इस्तेमाल किया जाता था।

यह गिरोह जमीन मालिकों पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग पुलिस थानों में उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज करवाता था, जिससे कि वे अपनी जमीन बहुत कम कीमत पर इस सिंडिकेट को बेचने पर मजबूर हो जाएं। जानकारी के मुताबिक, ईडी की जांच के घेरे में आए 12 अन्य पुलिसकर्मी ज्यादातर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं।

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