

Chhatrapati Sambhajinagar Waste Management: छत्रपति संभाजीनगर शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए महानगरपालिका ने खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। आयुक्त अमोल येड़गे ने शहर के सभी डंपिंग स्पॉट खत्म करने के निर्देश दिए हैं। अब सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाने के साथ जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में कचरा फेंकने के मामलों में 'शून्य सहनशीलता' नीति लागू की गई है व नियम तोड़ने वालों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। 1 मई से नई कचरा संकलन व परिवहन व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत ट्रांसफर स्टेशन व आधुनिक निगरानी प्रणाली शुरू की गई है। स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से पूरे सिस्टम की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल छत्रपति संभाजीनगर शहर के 850 से अधिक निर्धारित मार्गों पर 412 नई घंटा गाड़ियां कचरा संकलन का कार्य कर रही है। एकत्रित कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से प्रक्रिया केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ नागरिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब भी सड़क किनारे, खाली जगहों व डिवाइडर पर कचरा फेंक रहे है, जिससे शहर की स्वच्छता
प्रभावित हो रही है। आयुक्त येड़गे ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरा केवल घंटागाड़ियों को ही दें व सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करके सौंपे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग के प्रमुख एवं उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे के नेतृत्व में विशेष दल गठित किए गए हैं।
ये डंपिंग स्पॉट्स पर निगरानी रखेंगे व यह पता लगाएंगे कि कचरा कहां से लाया जा रहा है। मनपा प्रशासन ने चेतावनी दी है कि होटल, दुकान या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान यदि खुले में कचरा फेंकते पाए गए तो उनके खिलाफ सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रशासन ने शहरवासियों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की है।