आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Army Chief Upendra Dwivedi Interview: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारत द्वारा पाकिस्तान पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होनें बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय सेना ने इंसानियत को सबसे ऊपर रखा। इस दौरान नमाजियों पर एक भी हमला नहीं किया गया। जनरल द्विवेदी के अनुसार, सबका मालिक एक है। इस दौरान भारतीय सेना ने किसी भी निर्दोष को निशाना नहीं बनाया। लेकिन आज का युद्ध पहले जैसा नहीं रहा।
हाल ही में पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका और इजरायल संघर्ष में 2 हफ्ते के सीज फायर पर सहमति बनी। इस युद्ध के दौरान ईरान और इजरायल के नागरिक इलाके में हमले हुए, जिससे दुनिया भर में नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी मिसाइल हमले में ईरान के लगभग 165 स्कूली छात्राओं की मृत्यु हुई, इसकी निंदा दुनिया भर में हुई। आपको बता दें कि इस समय इस्लाम का पवित्र महीना रमजान भी चल रहा था। ऐसे में ताकतवर देशों की जिम्मेदारी और नागरिक सुरक्षा पर भी सवाल उठे लगे।
हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief Upendra Dwivedi) ने एक पॉडकास्ट में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपने अनुभव साझा किया। इंटरव्यू में उन्होनें बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय सेना ने नमाज पढ़ रहे आतंकियों पर स्ट्राइक नहीं की। हमने इंसानियत का ख्याल रखा। उन्होनें बताया कि सबका मालिक एक है। ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने नमाज पढ़ रहे आतंकी कैंपों में हमला करने से परहेज किया।
ऋषभ शाह द्वारा होस्ट किया गया पॉडकास्ट में जनरल द्विवेदी ने सैनिक जीवन पर अपने विचार साझा किए। उन्होनें बताया कि भारतीय सेना युद्ध के समय मानवीय और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाती है। उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान समय पूरी तरह से उनके नियंत्रण में थी, लेकिन उन्होनें एक खास समय पर हमला नहीं करने का निर्णय लिया। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि एक सफल सैन्य नेतृत्वकर्ता सिर्फ रणनीतिक कौशल से नहीं, बल्कि नैतिकता, संवेदनशीलता एवं अपने व्यक्तिगत अनुभवों से बनता है।
पॉडकास्ट में जनरल उपेंद्र द्विवेदी(Army Chief Upendra Dwivedi) ने वर्तमान युद्ध के हालात के बारे में भी बताया। उनके अनुसार, वर्तमान समय में युद्ध के तौर-तरीके पूरी तरह से बदल गए हैं। पहले के समय में जमीनी युद्ध में लड़ाई आमने-सामने की होती थी, लेकिन आज के समय में यह पूरी तरह से बदल गया है। अब युद्ध एक ही समय में कई क्षेत्रों जैसे- जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और सूचनाओं के माध्यम से होने लगे हैं।
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इस दौरान एक तरफ जहां जमीन पर गोलीबारी चलती है, उसी समय साइबर हमले भी शुरू हो जाते हैं, जिससे दुश्मन देश के संचार व्यवस्था ठप हो जाती है। इससे सैटेलाइट आदि से मदद मिलना भी बंद हो जाता है।