पेपर लीक पर सरकार का बड़ा दांव, आज संसद में पेश होगा परीक्षा संशोधन बिल, विपक्ष घेरने को तैयार!
Anti Paper Leak Bill: संसद में आज सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पेश होगा। किरेन रिजिजू ने सांसदों से चर्चा में भाग लेने की अपील की। संसद में आज विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैयार है।
- Written By: प्रिया जैस
एंटी पेपर लीक बिल (AI Generated Image)
Public Examination Amendment Bill 2026: पेपर लीक के खिलाफ सरकार आज (27, जुलाई) सोमवार को सदन में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही इसका ऐलान किया था। अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इस विधेयक पर 8 से 10 घंटे चर्चा होने की संभावना है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नए प्रावधानों का मकसद उन गलत तरीकों के खिलाफ सख्त रोक लगाना है, जिनकी वजह से बार-बार राष्ट्रीय परीक्षाओं में बाधा आई है और लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। मंजूर किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, पेपर लीक के संगठित मामलों में बिल में 10 साल तक की जेल और अधिकतम 10 करोड़ रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पेश करेंगे बिल
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आज संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन करने वाले विधेयक को पेश करने की अनुमति का प्रस्ताव रखेंगे। अगर विधेयक पेश किया जाता है, तो वे प्रस्ताव रखेंगे कि उक्त अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक पर विचार किया जाए और उसे पारित किया जाए।
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Union Minister Dr Jitendra Singh to move for leave to introduce the Bill to amend the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, during today's monsoon session of the Parliament. If the bill is introduced, he will move that the bill to amend the aformentioned… pic.twitter.com/VRlA3FHpfV — ANI (@ANI) July 27, 2026
कैबिनेट में विधेयक को मिली मंजूरी
कैबिनेट पहले ही पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट को मजबूत करने के लिए एक सख्त एंटी-पेपर लीक बिल को मंजूरी दे चुका है और अब इसे आज पेश किया जाएगा। इस कानून में सात अहम बदलाव शामिल हैं, जिनका मकसद कानून लागू करने में कमियों को दूर करना, एक खास न्यायिक व्यवस्था बनाना और आपराधिक मुकदमों में तेज़ी लाना है।
यह बिल 2024 के ढांचे में बड़े बदलावों का प्रस्ताव करता है, जिसमें जांच और न्यायिक कार्यवाही के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे इस कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट को खास फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तौर पर नियुक्त कर सकें।
पीएम मोदी ने टास्क फोर्स का किया गठन
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार के आर्किटेक्ट नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक 6 सदस्यीय उच्च-स्तरीय टास्ट फोर्स बल का गठन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
सरकार को घेरने के लिए विपक्ष तैयार
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ है। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और यह 13 अगस्त तक चलेगा। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, विपक्षी नेताओं ने कहा है कि वे सामान्य विधायी कामकाज और बहस होने देंगे, बशर्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के बारे में सदन में आधिकारिक बयान दें।
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कांग्रेस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कथित बर्बरता के बारे में बयान की मांग कर रही है। देखा जाए तो विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को अमित शाह को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर हमलों के लिए जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने पूछा कि क्या शाह ने पैलेट गन का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी।
जानकारों का मानना है कि विपक्ष जानता है कि पेपर लीक मामले में सरकार कुछ हद तक घिरी हुई है। किसी खास मंत्री से जवाबदेही मांगने के बजाय, विपक्ष का ध्यान अब शाह को सीधे तौर पर पुलिस कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ पैलेट गन के कथित इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार ठहराने पर केंद्रित हो गया है।
