Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Explainer: कैसे बचती है दल-बदल में सदस्यता, क्या है इसके लिए कानून? जिससे तय होगा राघव चड्ढा और AAP का भविष्य

Anti-Defection Law India: AAP संकट के बीच चर्चा में आए दल-बदल कानून को समझें। क्या 7 सांसदों का साथ होना सदस्यता बचाने के लिए काफी है? जानें स्पीकर की शक्ति और 10वीं अनुसूची के कड़े प्रावधान।

  • Written By: अर्पित शुक्ला
Updated On: Apr 25, 2026 | 10:47 AM

सांकेतिक तस्वीर (Image- AI)

Follow Us
Close
Follow Us:

Anti-Defection Law Explained: आम आदमी पार्टी (AAP) में हालिया राजनीतिक उठापटक के बाद दल-बदल विरोधी कानून एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह कानून सरकारों की स्थिरता और सदन में संख्या संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इस कानून को 1985 में 52वें संविधान संशोधन के जरिए संविधान की 10वीं अनुसूची में शामिल किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी सांसद या विधायक चुनाव के बाद निजी या राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी न बदले।

कानून का मूल सिद्धांत

यदि कोई जनप्रतिनिधि अपनी पार्टी छोड़ता है या पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करता है, तो उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। पूर्व लोकसभा महासचिव पी.डी.टी. आचार्य के अनुसार, 2003 में किए गए संशोधन के बाद यह प्रावधान जोड़ा गया कि यदि किसी पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सांसद या विधायक एक साथ किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो इसे दल-बदल नहीं माना जाएगा।

सम्बंधित ख़बरें

राघव चड्ढा दिल्ली में करेंगे महाराष्ट्र वाला खेला? 7 सांसदों के साथ चला शिंदे-पवार वाला दांव, AAP में हड़कंप!

AAP के बागी राघव चड्ढा समेत 7 सांसद अब तक BJP में क्यों नहीं हुए शामिल? इस तकनीकी पेंच ने फंसाया मामला

3 सांसदों के बाद अब 50 विधायक कहेंगे AAP को अलविदा? पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष ने दी चेतावनी; जानें क्या कहा

नितिन नबीन ने खिला दिया लड्डू…BJP में शामिल हुए राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल; AAP को बड़ा झटका

क्या है स्पीकर की भूमिका?

ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय सदन के स्पीकर या सभापति लेते हैं। अगर किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत होती है, तो स्पीकर यह तय करते हैं कि दल-बदल कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं। हालांकि, उनका फैसला अंतिम नहीं होता और इसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है, जिससे कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है।

चुनाव आयोग (Image- Social Media)

चुनाव आयोग की भूमिका कब आती है?

जब किसी पार्टी में टूट या “असली पार्टी” पर दावा होता है, तब मामला भारत निर्वाचन आयोग तक पहुंचता है। आयोग यह तय करता है कि संगठन, चुने हुए प्रतिनिधियों और पार्टी संविधान के आधार पर किस गुट का दावा मजबूत है। चुनाव चिह्न पर विवाद भी इसी स्तर पर सुलझाया जाता है।

इस्तीफा और अयोग्यता में अंतर

यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से इस्तीफा देता है और वह स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह सामान्य प्रक्रिया होती है। लेकिन यदि उसे दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित किया जाता है, तो वह तत्काल मंत्री नहीं बन सकता और दोबारा चुनाव लड़ना जरूरी होता है। अयोग्य सदस्य फ्लोर टेस्ट जैसी प्रक्रियाओं में भी हिस्सा नहीं ले सकता।

सुप्रीम कोर्ट, (सोर्स- सोशल मीडिया)

यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा दिल्ली में करेंगे महाराष्ट्र वाला खेला? 7 सांसदों के साथ चला शिंदे-पवार वाला दांव, AAP में हड़कंप!

सुप्रीम कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल

2020 में सुप्रीम कोर्ट  ने संसद से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने को कहा था। कोर्ट ने सुझाव दिया था कि स्पीकर की जगह किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष ट्रिब्यूनल, जैसे रिटायर्ड जजों की समिति, को अयोग्यता मामलों का फैसला करना अधिक पारदर्शी विकल्प हो सकता है।

Anti defection law india 10th schedule aap crisis speaker role explained

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 25, 2026 | 10:45 AM

Topics:  

  • AAP
  • Election Commission of India
  • Navbharat Explainer
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.