

Amit Shah vs Congress News: लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अब शाह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि उन पर निजी आरोप लगाते हुए कहा गया कि मेरी भी गिरफ्तारी हुई थी और मैने इस्तीफा नहीं दिया था, उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि मैने अरेस्ट होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था और बेल पर बाहर आने के बाद भी जब तक अदालत ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं किया, तब तक उन्होंने कोई संवैधानिक पद नहीं लिया। शाह ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप भी लगाया।
अमित शाह ने आगे कहा कि उनके ऊपर दर्ज किया गया केस अदालत ने यह कहते हुए खारिज किया था कि यह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए हमेशा नैतिक मूल्यों के पक्षधर रहे हैं और इस परंपरा को वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी निभाया था। आडवाणी ने केवल आरोप लगने पर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके विपरीत, शाह ने कांग्रेस पर अनैतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए, जिनमें प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री पर गंभीर अपराध के आरोप लगते हैं और वह 30 दिनों तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा। अन्यथा, 31वें दिन उन्हें स्वतः पद से हटा हुआ मान लिया जाएगा। इसी दौरान कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने शाह पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, जिस पर शाह ने कड़ा जवाब दिया। शाह ने कहा कि विपक्ष बिना शर्म और हया के भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए इस बिल का विरोध कर रहा है।
शाह ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी लालू प्रसाद यादव को बचाने के लिए अध्यादेश लाया था, जिसका राहुल गांधी ने खुद विरोध किया था। लेकिन आज वही राहुल गांधी पटना में लालू यादव को गले लगाते नजर आ रहे हैं। शाह ने कहा कि यह विपक्ष का दोहरा चरित्र है और जनता अब इसे भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को संसद और जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज बताया।