
अमित शाह ने साधा केरल सरकार पर निशाना (फोटो- सोशल मीडिया)
Amit Shah Kerala Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरल की धरती से एक ऐसी हुंकार भरी है जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। तिरुवनंतपुरम में नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच उन्होंने साफ कर दिया कि स्थानीय चुनाव में मिली हालिया जीत तो बस एक पड़ाव है। शाह ने कार्यकर्ताओं को नया मंत्र देते हुए कहा कि हमारा अंतिम और असली लक्ष्य केरल में कमल खिलाना और भाजपा का मुख्यमंत्री बनाना है।
शाह ने राज्य के लोगों को सीधा संदेश दिया कि पीएम मोदी के 2047 के विकसित भारत का सपना विकसित केरल के बिना अधूरा है। उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों की मिलीभगत ने राज्य की अपार संभावनाओं और तरक्की को रोक रखा है। गृह मंत्री के अनुसार, केरल को राष्ट्र-विरोधी ताकतों से बचाने और यहां के विकास की जिम्मेदारी अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला एनडीए ही उठा सकता है।
#WATCH तिरुवनंतपुरम, केरल: तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “विजय हमारा लक्ष्य नहीं है बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना। हमारा… pic.twitter.com/fk8wZwrKtc — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2026
अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी होने का बेहद गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार को घेरते हुए तीखे सवाल किए कि जो लोग मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वे भला धर्म की रक्षा क्या करेंगे? शाह ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है। उनका कहना था कि केरल में सदियों से चली आ रही आस्था और परंपराओं को सुरक्षित रखना भाजपा का प्रमुख उद्देश्य है। शाह ने लोगों को याद दिलाया कि मौजूदा सरकारें सुरक्षा, विकास और आस्था तीनों मोर्चों पर विफल रही हैं।
यह भी पढ़ें: Modi कैबिनेट में मंत्री बनेंगी सुप्रिया सुले? कांग्रेस नेता के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में आया भूचाल
अपने संबोधन में अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया भर से कम्युनिस्ट पार्टियां गायब हो चुकी हैं और कांग्रेस पूरे देश से लुप्त हो रही है। ऐसे में केरल के सुनहरे भविष्य का एकमात्र रास्ता अब एनडीए के पास है। शाह ने बताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बंगाल, असम और तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में विशेष रणनीति तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि हमें विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जनता के बीच जाना होगा, क्योंकि बिहार की तर्ज पर अब केरल में भी संगठन को मजबूत किया जाएगा।






