सरकार के 100 दिन पूरे होने पर अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां, कहा- 14 क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये की नीतियां लागू की
केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे होने पर सहकारिता मंत्री अमित शाह कहा कि सरकार ने इन 100 दिनों में 14 क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये की नीतियां लागू की हैं।
- Written By: रीना पंवार
सहकारिता मंत्री अमित शाह (फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इन 100 दिनों की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन में देश की कृषि उत्पादकता तथा निर्यात में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई किसान कल्याण की नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये नीतियां किसान कल्याण को बढ़ाने और भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
एक संवाददाता सम्मेलन में सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पहले 100 दिन में 14 क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये की नीतियां लागू की हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत 9.5 करोड़ किसानों को 20,000 करोड़ रुपये वितरित करने सहित कृषि क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘ हमने पीएम-किसान के तहत 70वीं किस्त वितरित की है। अब तक 12.33 करोड़ किसानों को तीन लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।”
किसान कल्याण पर दिया जा रहा जोर
गौरतलब है कि पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये का वार्षिक लाभ दिया जाता है जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के जरिये पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे डाला जाता है। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि कृषि नीतियों को कृषक समुदाय के कल्याण और समृद्धि को ध्यान में रखते हुए लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ इससे देश के खाद्यान्न उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा जिससे किसानों की स्थिति में सुधार होगा।” किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा, ‘‘ संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) शासन की तुलना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने एमएसपी पर अधिक फसलें खरीदी हैं। इससे पता चलता है कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार किसानों को लेकर प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि 2024-25 खरीफ (ग्रीष्म) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की गई है।
सम्बंधित ख़बरें
महिला आरक्षण बिल का विरोध कर बुरा फंसा विपक्ष, अब BJP सड़कों पर उठाएगी यह मुद्दा; जानें आगे की पूरी रणनीति
‘2029 में महिला आरक्षण देना है तो परिसीमन जरूरी’, लोकसभा में अमित शाह की दो टूक; INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
Bengal Election: अमित शाह का ‘मिशन 148’, बंगाल फतह के लिए चाणक्य ने तैयार किया अभेद्य ब्लूप्रिंट; जानें सबकुछ
Nitish Kumar: नीतीश कुमार का ‘दिल्ली प्लान’ तैयार, क्या बदलने वाला है देश का सियासी समीकरण? जानें सबकुछ
मक्के से भी बनेगा एथनॉल
सहकारिता मंत्री ने कहा कि एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चीनी मिलों को ‘मल्टी-फीड डिस्टिलरी’ में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ अब मिलें न केवल गन्ने के रस से बल्कि मक्के से भी एथनॉल बना सकती हैं। देश में जब चीनी बनाने के लिए गन्ने के रस की जरूरत होगी, तब मक्के से एथनॉल बनाया जाएगा। जब चीनी का उत्पादन अधिक होगा, तब चीनी के रस से इथेनॉल बनाया जाएगा।” मंत्री ने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्याज और बासमती चावल पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) को समाप्त कर दिया गया है। शाह ने कहा कि ये नीतियां किसान कल्याण को बढ़ाने और भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
