पीएम मोदी के साथ वायरल हुआ यह 29 साल का युवा कौन? मिलिए अलेक्जेंडर वांग से
Alexandr Wang with PM Modi : दिल्ली में आयोजित एआई समिट में अलेक्जेंडर वांग की चर्चा काफी हुई। ये 29 वर्ष के हैं। अरबपति हैं। इन्होंने साल 2016 में पढ़ाई छोड़कर Scale AI की शुरुआत की।
- Written By: रंजन कुमार
पीएम मोदी और अलेक्जेंडर वांग। इमेज-सोशल मीडिया
Pm Modia And Alexandr Wang : नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में सुंदर पिचाई और डारियो एमोडेइ जैसे दिग्गजों के बीच एक 29 साल के युवा ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वायरल हुई एक तस्वीर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जिसमें दिख रहा यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपतियों में शुमार अलेक्जेंडर वांग (Alexandr Wang) हैं।
अलेक्जेंडर वांग का जन्म मैक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के वैज्ञानिक थे, जिससे उन्हें बचपन से ही गणित और शोध का माहौल मिला। वांग की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने महज 19 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई छोड़ दी और Scale AI की नींव रखी।
अमेजन, मेटा जैसी कंपनियां भी इनके डाटा पर निर्भर
स्केल AI ने डेटा लेबलिंग के क्षेत्र में ऐसी क्रांति पैदा की कि देखते ही देखते एनवीडिया, अमेजन और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां इसके डेटा पर निर्भर हो गईं। साल 2024 तक स्केल AI की वैल्यूएशन 14 अरब डॉलर पहुंच गई, जिससे वांग दुनिया के सबसे युवा अरबपति बन गए। 2025 में मेटा (मार्क जुकरबर्ग की कंपनी) ने स्केल AI में 49% हिस्सेदारी खरीदकर वांग को अपनी एआई रणनीति का नेतृत्व सौंप दिया। वर्तमान में वे मेटा के विशेष डिवीजन ‘मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब’ के प्रमुख हैं। फरवरी 2026 तक उनकी कुल संपत्ति 3.2 अरब डॉलर आंकी गई है।
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भारत में AI के चार स्तंभों का मंत्र
समिट को संबोधित करते हुए अलेक्जेंडर वांग ने भारत और वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए एक स्पष्ट विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि एआई की सफलता केवल कोड लिखने में नहीं, बल्कि इन चार मुख्य स्तंभों को मजबूत करने में है-
प्रतिभा (Talent) : कुशल मानव संसाधन का विकास।
ऊर्जा (Energy) : एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति।
डेटा (Data) : स्थानीय और सटीक डेटा का संग्रहण।
कंप्यूट (Compute) : सुपरकंप्यूटिंग क्षमताओं का विस्तार।
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एआई को वन-साइज-फिट्स-ऑल नहीं देखना चाहते
वांग ने जोर दिया कि वे एआई को वन-साइज-फिट्स-ऑल (सबके लिए एक जैसा) नहीं देखना चाहते, बल्कि इसे भारत की अनूठी चुनौतियों और भाषाई विविधता के अनुरूप ढालना चाहते हैं।
