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Alert: दूध-अंडा जैसे प्रोडक्ट्स में एंटीबायोटिक की होगी जांच, केंद्र ने सभी राज्यों को दिया आदेश

देश के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने आदेश में कहा है कि कड़ी निगरानी रखने के लिए सभी जिला औषधि नियंत्रकों को जागरूक किया जाए ताकि किसी भी खाद्य उत्पादक पशु पालन प्रणाली में इसका उपयोग न हो।

  • By मनोज आर्या
Updated On: Apr 03, 2025 | 10:42 AM

प्रतीकात्मक तस्वीर

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नई दिल्ली: दूध, दही, अंडा और शहद जैसे पशु उत्पादों में प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार ने देश के सभी जिलों में जांच कराने का फैसला लिया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि पशु उत्पादों में प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। किसी भी खाद्य उत्पादक पशु पालन प्रणाली में इन दवाओं का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। ऐसे में सभी क्षेत्रों में क्लोरैम्फेनिकॉल और नाइट्रोफ्यूरान दवा को लेकर तत्काल इसकी जांच शुरू की जाए।

देश के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने आदेश में कहा है कि कड़ी निगरानी रखने के लिए सभी जिला औषधि नियंत्रकों को जागरूक किया जाए ताकि किसी भी खाद्य उत्पादक पशु पालन प्रणाली में इसका उपयोग न हो। राज्यों से यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ दवा एवं औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पशु आहार पूरक के लिए हो रहा दवाओं का इस्तेमाल

कोई भी पशु या पशु उत्पाद जैसे दूध/अंडा/शहद, जिसका सेवन मनुष्य द्वारा किया जाता है, उसे खाद्य उत्पादक पशु माना जाता है। इन उत्पादों में एंटीबायोटिक क्लोरैम्फेनिकॉल और नाइट्रोफ्यूरान दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेने के बाद औषधि परामर्श समिति (डीसीसी) ने इस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की जिसके चलते बीते माह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी भी खाद्य उत्पादक पशु पालन प्रणाली में उपयोग के लिए इन दवाओं के आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया। मंत्रालय का मानना है कि इन दवाओं का दुरुपयोग पोल्ट्री और अन्य पशु आहार पूरक के लिए किया जा रहा है।

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2023 में झींगों से पता चली सच्चाई

2023 में समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ने सबसे पहले इस मामले को उजागर किया। उन्होंने पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) को भेजे प्रस्ताव में इन दोनों दवाओं के आयात और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की। एमपीईडीए ने पाया कि निर्यात किए जाने वाले झींगों में इन दवाओं का फॉर्मूलेशन पाया जा रहा है।

Alert products like milk and eggs will be tested for antibiotics centre has given orders to all states

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Published On: Apr 03, 2025 | 10:42 AM

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