एयर इंडिया के पायलट ने 'जानबूझकर बंद किए फ्यूल स्विच', अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर इटली के अखबार का बड़ा दावा

Ahmedabad Plane Crash: एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अहमदाबाद में एअर इंडिया का क्रैश किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच को जानबूझकर बंद करने की वजह से हुआ था।
Air India pilot 'deliberately turned off fuel switch', Italian newspaper claims
अहमदाबाद प्लेन क्रैश (Image- Social Media)
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Ahmedabad Air India Plane Crash: इटली के एक प्रमुख अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी अंतिम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दे सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट की कार्रवाई के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। अखबार ने पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि जांच में यह सामने आ सकता है कि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे।

‘जानबूझकर’ बंद किए गए फ्यूल स्विच?

इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और तकनीकी जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फाइनल जांच रिपोर्ट में कहा जा सकता है कि फ्यूल स्विच ‘लगभग पक्का’ जानबूझकर बंद किए गए थे। हालांकि इस दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) या नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

260 लोगों की हुई थी मौत

12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट 171) दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के करीब 32 सेकंड बाद विमान एक मेडिकल छात्रों के हॉस्टल पर गिर गया था।

पायलट एसोसिएशन ने जताई आपत्ति

रिपोर्ट में विमान के कमांडर सुमीत सभरवाल को मुख्य संदिग्ध बताया गया है। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इन दावों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि बिना अंतिम रिपोर्ट के इस तरह किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है और हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन और अन्य संभावित कारकों की भी गहन जांच होनी चाहिए।

ब्लैक बॉक्स और ऑडियो विश्लेषण पर फोकस

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में AAIB के जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे, जहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की लैब में ब्लैक बॉक्स डेटा का दोबारा विश्लेषण किया गया। विशेष रूप से कॉकपिट ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, ऑडियो विश्लेषण से यह संकेत मिला कि घातक कार्रवाई किस पायलट की ओर से हुई थी।

अखबार का यह भी दावा है कि बोइंग 787 के सिम्युलेटर परीक्षण करने वाले अमेरिकी विशेषज्ञों को ऐसी कोई तकनीकी खामी नहीं मिली, जिससे दोनों इंजन स्वतः बंद हो जाएं। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी विशेषज्ञों के आकलन में भी पायलट की भूमिका की ओर इशारा किया गया। बताया गया कि पहले बायां इंजन (जहां कैप्टन बैठते हैं) और फिर दायां इंजन बंद हुआ।

शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र

हादसे के एक महीने बाद जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर ले जाए जाने के बाद दोनों इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ था कि “आपने इंजन क्यों बंद किए?” जिस पर दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने नहीं किया।” हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि किस पायलट ने कौन सा बयान दिया।

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