'यह लोकतंत्र का बुरा रूप...',वांगचुक की गिरफ्तारी पर फूटा पत्नी का गुस्सा, BJP को बताया नकली हिंदू

Geetanjali Angmo: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद पत्नी गीतांजलि अंगमो का गुस्सा फूटा है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, वे खुद को हिंदू न कहें, क्योंकि हिंदुत्व की बुनियाद ही सत्य है।
'मेरे पति के साथ अपराधी...',वांगचुक की गिरफ्तारी पर फूटा पत्नी का गुस्सा, BJP को बताया नकली हिंदू
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का पत्नी ने किया विरोध (सौ. सोशल मीडिया)
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Sonam Wangchuk's Wife's Reaction: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कड़े शब्दों में विरोध किया। गीतांजलि ने आरोप लगाते हुए कहा कि, मेरे पति के साथ बिना किसी कारण एक अपराधी की तरह व्यवहार किया गया।

गीतांजलि ने कहा कि, 'यह लोकतंत्र का सबसे बुरा रूप है। बिना किसी सुनवाई के, बिना किसी कारण के, सोनम वांगचुक को एक अपराधी की तरह गिरफ्तार किया।' साथ ही गीतांजलि ने सरकार पर जानबूझकर उनके पति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

सरकार पर बोला हमला

आगे गीतांजलि ने सरकार पर हमला बोले हुए कहा कि,  'सरकार को किसी ऐसे व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए इस स्तर तक नहीं गिरना चाहिए, जो पिछले पांच सालों से शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहा है, जिसने राष्ट्रीय गौरव में किसी और से अधिक योगदान दिया है, चाहे वह रोलेक्स पुरस्कारों के माध्यम से हो या, कृषि और पर्यावरण, यूएनडीपी और हर जगह उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के माध्यम से, जैसा कि आप जानते हैं।’ उन्होंने कहा, 'अगर बुद्धिजीवियों और नवप्रवर्तकों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है, तो विश्वगुरु बनने का सपना एक मजाक बनकर रह जाएगा।'

बीजेपी पर साधा निशाना

गीतांजलि ने केंद्र सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि,'कृपया उनसे कहिए कि वे खुद को हिंदू न कहें, क्योंकि हिंदुत्व की बुनियाद ही सत्य है।' खुद को एक धर्मनिष्ठ हिंदू बताते हुए, सोनम वांगचुक की पत्नी ने बीजेपी के सिद्धांतों पर सवाल उठाया और कहा, 'वे किसी भी तरह से हिंदू नहीं हैं। भाजपा हिंदू नहीं है क्योंकि इसकी नींव झूठ पर है।'

23 सितंबर को हिंसा के बाद बिगड़ा माहौल

बता दें कि लद्दाख को पूर्ण दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनके साथी 10 सितम्बर से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। 23 सितम्बर 2025 को उनमें से 2 महिलाओं की तबियत अधिक खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके विरोध में अगले दिन हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने बीजेपी के स्थानीय कार्यालय में आग लगा दी, अन्य जगहों पर भी आगजनी, पथराव व हिंसक टकराव की घटनाएं हुईं।

वांगचुक को जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया

हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए। हिंसक विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद, शुक्रवार  को सोनम को उनके गांव उल्याकटोपो से गिरफ्तार किया गया। सोनम को लद्दाख के DGP एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने गिरफ्तार किया। जिसके बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया है। यहां मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें जेल के  हाइसिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है।

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