90 साल के दलाई लामा बोले- मैं अभी 40 साल जीवित रहूंगा, अवलोकितेश्वर आशीर्वाद…
दलाई लामा ने उत्तराधिकारी की घोषणा पर विराम लगा दिया है। 90 वर्षीय दलाई लामा ने कहा कि मैं अभी 30-40 साल और जीवित रहूंगा। इस दौरान लामा ने नेहरू और माओ से मुलाकात का किस्सा भी बताया।
- Written By: Saurabh Pal
दलाई लामा (फोटो-सोशल मीडिया)
धर्मशालाः दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा को लेकर जारी अफवाहों पर एक प्रकार से विराम लगा दिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह लोगों की सेवा के लिए 30-40 साल और जीवित रहेंगे। मैकलोडगंज में मुख्य दलाई लामा मंदिर त्सुगलागखांग में रविवार को आयोजित होने वाले जन्मदिवस कार्यक्रम से पूर्व दीर्घायु प्रार्थना समारोह में तेनजिन ग्यात्सो ने कहा कि उन्हें ‘‘स्पष्ट संकेत” मिल रहे हैं कि अवलोकितेश्वर का आशीर्वाद उनके साथ है।
तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु ने कहा, ‘‘कई भविष्यवाणियों को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझ पर अवलोकितेश्वर का आशीर्वाद है। मैंने अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। मुझे उम्मीद है कि मैं अभी 30-40 साल और जीवित रहूंगा। आपकी प्रार्थनाएं अब तक फलदायी रही हैं।”
‘130 साल से ज्यादा जीनी की उम्मीद’
सम्बंधित ख़बरें
देर रात 5.2 तीव्रता के भूकंप से कांपा चीन, ताश के पत्तों की तरह बिखरीं दर्जनों इमारतें; मलबे में दबे कई लोग
Teesta River: तीस्ता विवाद पर बांग्लादेश ने थामी ड्रैगन की उंगली, भारत के लिए क्यों खड़ी हो सकती है नई मुसीबत?
ट्रंप के जाते ही पुतिन की एंट्री! 19 मई को बीजिंग में सजेगा ‘दो दोस्तों’ का दरबार; आखिर क्या है मुद्दा?
Trump China Visit: ट्रंप चीन दौरा रहा बेहद अहम, शी जिनपिंग संग मुलाकात को बताया ‘G-2’ मोमेंट
दलाई लामा ने कहा कि बचपन से ही उन्हें लगता था कि उनका अवलोकितेश्वर से गहरा नाता है। उन्होंने कहा कि मैं अब तक बुद्ध धर्म और तिब्बत के लोगों की अच्छी तरह से सेवा कर पाया हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं 130 साल से ज़्यादा जीऊंगा। निर्वासित तिब्बती सरकार ने 14वें दलाई लामा का जन्मदिन मनाने के लिए यहां एक सप्ताह तक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। समारोह के हिस्से के रूप में मुख्य मंदिर में दीर्घायु प्रार्थना समारोह आयोजित किया गया जिसमें 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
नेहरु और माओ से मुलाकात का दलाई लामा ने बताया किस्सा
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रवक्ता तेनजिन लेक्षय के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं, तिब्बती बौद्ध धर्म के विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधियों, विभिन्न मठों के वरिष्ठ लामाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दलाई लामा ने कहा कि हालांकि तिब्बती लोग अपना देश खो चुके हैं और भारत में निर्वासन में रह रहे हैं, लेकिन वह ‘‘प्राणियों को काफी लाभ पहुंचाने में सक्षम रहे हैं। इस अवसर पर दलाई लामा ने चीनी नेता माओत्से तुंग से मुलाकात को भी याद किया, जिन्होंने कहा था, ‘‘धर्म जहर है।” दलाई लामा ने कहा कि लेकिन मैंने उनकी बात का जवाब नहीं दिया, उन्होंने वास्तव में बहुत बुरी नजर डाली, लेकिन मैंने जवाब नहीं दिया। मुझे दया आई, फिर बाद में मैं नेहरू से मिला। अपने पूरे जीवन में मैं ऐसे लोगों से मिला हूं जिनकी धर्म में रुचि है और ऐसे लोगों से भी मिला जिनकी धर्म में रुचि नहीं है।”
विदेश मंत्री का खुलासा, पाक हमले से पहले अमेरिका ने PM मोदी को किया था फोन
उत्तराधिकारी नहीं घोषित करेंगे दलाई लामा
लामा ने कहा कि बौद्ध धर्मग्रंथों में लोगों की अलग-अलग मानसिक प्रवृत्तियों और स्वभाव की बात कही गई है, लेकिन इसके बावजूद हर कोई खुशी पाने का प्रयास करता है। दलाई लामा के उत्तराधिकारी की घोषणा की अफवाहें उनके 90वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले से ही उठ रही थीं, लेकिन चीन के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर इन अफवाहों का खंडन किया गया। सेंट्रल तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष पेंपा शीरिंग ने ऐसी अफवाहों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग इस तरह बात कर रहे हैं जैसे दलाई लामा का कल या परसों या अगले साल निधन हो जाएगा। उनका कहना है कि वे अगले 20 साल तक जीवित रहेंगे। इसलिए हमें परंपरा को समझना होगा। मुझे लगता है कि बहुत से लोग इसी उम्मीद से आए थे कि दलाई लामा किसी को नियुक्त कर सकते हैं, या वह कह सकते हैं कि मैं उस समय इस स्थान पर जन्म लेने वाला हूं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-एजेंसी इनपुट के साथ
