BJP Foundation Day: 45 साल, एक मिशन! अब हर दिल पर राज, जानिए दुनिया की नंबर 1 पार्टी का जबरदस्त सफर
2015 में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी थी। लेकिन अमित शाह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह ने पार्टी की नीतियों में बदलाव किए, जिसके चलते उसी साल सदस्य संख्या के आधार पर भाजपा दुनिया की सबसे..
- Written By: अमन उपाध्याय
बीजेपी स्थापना दिवस (डिजाइन फोटो)
BJP Foundation Day: भारतीय जनता पार्टी ( BJP) आज यानि 6 अप्रैल को अपना 45वां स्थापना दिवस मना रही है। पूरे देश में इस अवसर पर उत्सव का माहौल है। स्थापना दिवस से एक दिन पहले, 5 अप्रैल शनिवार को, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पार्टी के देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनने तक के सफर को साझा किया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हर साल 6 अप्रैल को भाजपा अपना स्थापना दिवस मनाती है। इस बार भी पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। इससे पहले पार्टी जनसंघ के रूप में कार्य कर रही थी। आज भाजपा देश की एक प्रमुख और राष्ट्रवादी विचारधारा वाली पार्टी बन चुकी है। भूपेंद्र चौधरी ने यह भी कहा कि भले ही भाजपा की औपचारिक स्थापना 1980 में हुई हो, लेकिन इसकी नींव आज़ादी के तुरंत बाद 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने रखी थी।
इन वरिष्ठ नेताओं की रही अहम भूमिका
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को केवल दो सीटें ही मिली थीं। वहीं से पार्टी का संघर्ष शुरू हुआ, जो आज इसे देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना चुकी है। भाजपा ने लगातार तीन बार केंद्र में सरकार बनाई है। उत्तर प्रदेश में इस यात्रा को आगे बढ़ाने में कल्याण सिंह जैसे वरिष्ठ नेता की अहम भूमिका रही। उनके बाद राजेन्द्र गुप्ता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने और भाजपा की सरकार बनने पर मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
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ओम प्रकाश, केसरीनाथ त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में पार्टी निरंतर प्रगति करती रही। आज मुझे दुनिया की इस महान पार्टी का नेतृत्व करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
10 करोड़ से अधिक है सदस्यों की संख्या
बता दें कि अमित शाह के भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला बड़ा कदम पार्टी का सदस्यता अभियान शुरू करना था। उस समय देश में मोदी की लहर थी, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग भाजपा से जुड़ते गए। इसका नतीजा यह हुआ कि 2015 तक भाजपा के कुल सदस्यों की संख्या 10 करोड़ के पार पहुँच गई। यह पहली बार था जब पार्टी ने आम जनता से सीधे जुड़ने का इतना बड़ा और संगठित प्रयास किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत में बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जहाँ कई राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय पार्टियां मौजूद हैं।
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इसके बावजूद भाजपा ने व्यापक स्तर पर जनसमर्थन हासिल करने में सफलता पाई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है खासकर जब इसकी तुलना चीन जैसे देश से की जाए जहाँ केवल एक ही राजनीतिक पार्टी है।
सदस्यता को बनाया बेहद सरल
भारतीय जनता पार्टी ने तकनीक की महत्ता को पहचाना और इसका प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इसी तकनीक के जरिए सदस्यता अभियान को गति मिली और नए सदस्यों का सत्यापन भी संभव हो पाया। पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन होने के कारण कई कठिनाइयाँ होती थीं, लेकिन अब भाजपा की सदस्यता लेना बेहद सरल बना दिया गया है। महज पार्टी द्वारा जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देने से कोई भी आसानी से भाजपा का सदस्य बन सकता है।
सिर्फ सदस्यता ही नहीं, पार्टी ने अपने विचार और संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का भी प्रभावशाली उपयोग किया। इसके ज़रिए लोगों का ध्यान पार्टी की ओर आकर्षित हुआ और पार्टी की पहुँच व्यापक हुई।
इस रणनीति से बनी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी
भाजपा ने हिन्दुत्व की अपनी छवि को बनाए रखा। राम मंदिर आंदोलन से मिली पहचान को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से जोड़कर व्यापक स्तर पर प्रचार किया। जहां भी चुनाव हुए, वहां स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक ने पूरी ताकत झोंकी।
इस रणनीति का असर यह हुआ कि पार्टी को चुनावों में न केवल अधिक समर्थन मिला, बल्कि नए सदस्यों को जोड़ने में भी सफलता मिली। अमित शाह के बाद जो अध्यक्ष बने, उन्होंने भी इसी रणनीति को जारी रखा और उन क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जहां पार्टी की स्थिति कमजोर थी। पार्टी ने अपने प्रभावशाली और आक्रामक अंदाज़ वाले नेताओं को प्रचार अभियान की अगुवाई सौंपी। इसी कारण भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है।
