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नई दिल्ली. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में लगभग 44 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को अभी तक नल के पानी का कनेक्शन नहीं मिला है। जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में सोमवार को कहा कि 2.17 करोड़ (55.3 प्रतिशत) ग्रामीण आदिवासी घरों में से 1.2 करोड़ के पास नल के पानी का कनेक्शन है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के आधे से अधिक आदिवासी परिवारों को नल से जल का इंतजार है। देश के हर ग्रामीण परिवार को 2024 तक पीने योग्य नल के पानी की आपूर्ति करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत हर घर जल योजना को लागू कर रही है।
एक अन्य सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) साप्ताहिक आधार पर देश के 146 महत्वपूर्ण जलाशयों की वास्तविक भंडारण स्थिति की निगरानी करता है और हर बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बुलेटिन प्रकाशित करता है। उन्होंने कहा कि नवीनतम जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, 86 जलाशय अपनी क्षमता से 40 प्रतिशत या उससे कम हैं।