सर्दियों में सीने का दर्द कहीं खतरे की घंटी तो नहीं? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, जानें बचाव के तरीके
Health Tips: सर्दियों के मौसम में सीने में दर्द को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। ठंड के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ने, हार्ट पर दबाव बढ़ने और पुरानी बीमारियों के कारण यह दर्द गंभीर संकेत हो सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
सीने में दर्द की समस्या से जूझती महिला (सौ. फ्रीपिक)
Winter Chest Pain: सर्दियों में जैसे ही वातावरण में बदलाव आता है, इसका सीधा असर शरीर में देखने को मिलता है। ऐसे में शरीर का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। सर्दियों में अक्सर लोग छाती में हल्के दर्द और भारीपन की शिकायत करते हैं। ये सिर्फ दिल से जुड़ी बीमारी का संकेत नहीं हैं बल्कि सर्दी में होने वाली जकड़न है जो छाती से शुरू होकर हुए पूरे शरीर को बीमार कर सकती है। तो चलिए जानते हैं कि सर्दियों में छाती में जकड़न क्यों होती है और इससे राहत पाने के लिए क्या कर सकते हैं।
क्यों जकड़ जाती है सर्दियों में छाती
मौसम में परिवर्तन का सीधा असर मानव शरीर पर पड़ता है और शरीर की नसें संकुचित होने लगती हैं। ठंड की वजह से फेफड़ों में भी संकुचन बढ़ जाता है और सर्द हवा छाती में कफ की वृद्धि कर देती है जिससे सीने में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी, बोलने में परेशानी और सीने में खिंचाव भी महसूस होता है। ये सभी छाती में जकड़न के लक्षण हैं जो बड़े से लेकर बच्चों तक को परेशान करते हैं।
गुनगुना पानी और शहद
आयुर्वेद में छाती में जकड़न से बचने के आसान और सटीक उपाय बताए गए हैं। छाती में जकड़न की समस्या उन लोगों को ज्यादा परेशान करती है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे लोगों को सर्दी में बार-बार बुखार आ जाता है कफ की समस्या बनी रहती है और पाचन कमजोर रहता है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए गुनगुने पानी में सुबह शहद मिलाकर लेना चाहिए। इससे कफ ढीला होता है और गला नरम बना रहता है।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर में ‘निरामय अभियान’ को प्रभावी बनाने; स्वानंद सोनार का दौरा, कैंसर स्क्रीनिंग पर विशेष फोकस
इबोला वायरस का मंडराया वैश्विक खतरा, भारत सरकार ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी; इन 3 देशों में जाने से बचें
Cranberry: इस एक फल को रोजाना खाएंगे, तो बने रहेंगे जवां; बढ़ती उम्र भी थम जाएगी
Summer Health Tips: गर्मी में इस तरह से पीएंगे दूध तो हीटवेव से बचे रहेंगे, आयुष मंत्रालय ने बताया देसी नुस्खा
यह भी पढ़ें:- 15 दिनों तक रोज खाएं सिर्फ 2 इलायची, शरीर की ये पुरानी दिक्कतें जड़ से होंगी खत्म!
दूसरा छाती की हल्की मालिश से भी आराम पाया जा सकता है। इसके लिए सरसों के तेल में कुछ कलियां लहसुन की लेकर अजवाइन और लौंग को पका लें। रात के समय सोने से पहले छाती और कंधे की मालिश करें। ये शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में मदद करेगा।
स्टीम थेरेपी
तीसरा भाप लेना आसान और कारगर तरीका है जिससे छाती की जकड़न से जल्द छुटकारा पाया जा सकता है। दिन में तकरीबन दो बार भाप लें और मुंह खोलकर भाप को अंदर की तरफ खींचे। इससे कफ ढीला होगा और फेफड़ों की मांसपेशियों को आराम मिलेगा।
आयुर्वेदिक चूर्ण
इसके अलावा आप सितोपलादि चूर्ण, तालीसादि चूर्ण या त्रिकटु चूर्ण का सेवन भी कर सकते हैं। ये चूर्ण शरीर को गर्म रखते हैं और पाचन शक्ति मजबूत करने में मदद करते हैं। इनका सेवन शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन अगर आपको ज्यादा समस्या हो रही है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
