डेंगू यानी मौत से सामना, इसके लक्षण क्या हैं, जानिए डेंगू होने पर क्या खाएं-पीएं
डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो मादा एडीज मच्छर के काटने से होती है। इसकी शुरुआत तेज बुखार से होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार,अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है।
- Written By: सीमा कुमारी
क्या हैं डेंगू इंफेक्शन के लक्षण (सौ.सोशल मीडिया)
गर्मी आते ही मच्छर का आतंक बढ़ जाता है। इन मच्छरों की वजह से न सिर्फ रात की नींद हराम होती है बल्कि ये मच्छर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों को भी जन्म देती हैं। अगर बात डेंगू की करें तो इसकी शुरुआत तेज बुखार से होती है।
इसके साथ सिर दर्द, आंखों में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर रैशेज और थकावट महसूस होती है। कई बार लोग इसे वायरल फीवर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार,अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। आइए इस खबर में जानते हैं कि डेंगू कैसे शरीर पर असर करता है और स्टेप बाय स्टेप कैसे बढ़कर मौत तक ले जाता है।
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क्या हैं डेंगू इंफेक्शन के लक्षण :
प्लेटलेट्स गिरने लगती है
डेंगू होने पर सबसे पहले प्लेटलेट्स गिरने लगती है। डेंगू का सबसे खतरनाक चरण तब शुरू होता है जब मरीज के प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरने लगती है। आपको बता दें, प्लेटलेट्स खून को जमने में मदद करते हैं और जब इनकी संख्या 1.5 लाख से नीचे आने लगती है, तो शरीर में अंदरूनी रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।
ब्लीडिंग और अंगों पर असर होना
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, प्लेटलेट्स के गिरने के साथ ही नाक से खून आना, मसूड़ों से खून बहना, पेशाब या मल में खून आना शुरू हो सकता है। कुछ मामलों में पेट, लिवर और फेफड़ों जैसे अंगों में सूजन आ जाती है, जिससे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
कुछ लोगों को डेंगू शॉक सिंड्रोम होता है
जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा गिर जाता है और शरीर के अंगों को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता, तो इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें रोगी बेहोश हो सकता है, पल्स कमजोर हो जाती है और तुरंत ICU में भर्ती की जरूरत होती है। अगर सही समय पर उपचार न मिले, तो मरीज की जान जा सकती है।
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डेंगू में क्या खाना चाहिए
डेंगू के मरीज को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आपको बता दें, इस दौरान डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, खूब पानी, नारियल पानी, ओआरएस, और ताजा फलों का जूस पीएं। नारियल पानी जरूर पीएं, क्योंकि इसमें पोटैशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।
पपीते के पत्तियों का रस प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना 2-3 चम्मच पपीते के पत्तों का रस या ताजा पपीता खाएं।
