मानव शरीर को कंट्रोल करता है उयिर तातुक्कल, जानिए इनमें समाई तीन शक्तियों के बारे में
Traditional Indian Medicine: सिद्ध चिकित्सा प्रणाली भी खास पद्धतियों में से एक है। इस चिकित्सा प्रणाली में सबसे खास है 'उयिर तातुक्कल'। इसमें शामिल तीन शक्तियों के बारे में बताया गया है।
- Written By: दीपिका पाल
सिद्ध चिकित्सा प्रणाली (सौ.सोशल मीडिया)
Siddha Medicine: भारत में चिकित्सा की कई पद्धतियां पारंपरिक और आधुनिक विद्यमान है। इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में सिद्ध चिकित्सा प्रणाली भी खास पद्धतियों में से एक है। इस चिकित्सा प्रणाली में सबसे खास है ‘उयिर तातुक्कल’। यहां पर इसके असली अर्थ को जानें तो, जीवन की मूल शक्तियां या जैविक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाली तीन आवश्यक ताकतें वली, अजल और अयम इसके अंतर्गत आती है। इसे लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा बात कही गई है।
तीन तत्व मिलकर शरीर के लिए हर तरह के कार्य करते है। साथ ही ये किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट और प्रकृति को भी तय करते हैं। इनके बीच सही संतुलन बनाए रखने से शरीर का प्रदर्शन बेहतर होता है और पूरी सेहत बनी रहती है।
जानिए सिद्ध प्रणाली की इन तीन शक्तियों के बारे में
यहां पर सिद्ध प्रणाली में शामिल तीन शक्तियों के बारे में बताया गया है जिसके संतुलन में व्यक्ति स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है।
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- वली तत्व की बात की जाए तो, यह मुख्य रूप से शरीर की गति और तंत्रिका तंत्र संबंधी कार्यों को संभालता है। यह हलचल, मूवमेंट और न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है। वली को आधुनिक विज्ञान की भाषा में नर्वस सिस्टम से जोड़ा जाता है, जो शरीर की हरकतों और संवेदनाओं को मैनेज करता है।
- इसके अलावा दूसरी शक्ति अजल की बात की जाए तो, यह पाचन प्रक्रिया और शरीर की गर्मी को नियंत्रित करने का काम करता है। यह मेटाबॉलिज्म को बनाए रखती है, भोजन को पचाती है और शरीर के तापमान को संतुलित रखती है। अज़ल की वजह से ही शरीर में ऊर्जा उत्पादन होता है और पाचन तंत्र सुचारू रूप से चलता है।
- तीसरी शक्ति अयम है, जो शरीर की संरचनात्मक मजबूती और स्थिरता प्रदान करती है। यह हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत बनाती है। अयम शरीर को स्थिरता देता है और तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखता है।
यहां पर इन सिद्ध चिकित्सा पद्धति के अनुसार इलाज व्यक्ति की उम्र, आदतें, पर्यावरण और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसके अलावा उयिर तातुक्कल को समझकर हम अपनी जीवनशैली सुधार सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं। वहीं पर खास बात, विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी उपचार से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
आईएएनएस के अनुसार
