मानसून में दिमाग का ब्रेक फेल कर देता है यह खतरनाक कीड़ा, समय रहते ऐसे करें बचाव
Neurocysticercosis: मौसमी बीमारियों के बीच एक गंभीर संक्रमण की जानकारी मिली है। यह संक्रमण दिमाग पर बुरा असर डालता है। डॉक्टरों ने मानसून में गंभीर संक्रमण न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस के बढ़ने की जानकारी दी।
- Written By: दीपिका पाल
दिमाग के लिए खतरनाक होता है ये वायरस (सौ.सोशल मीडिया)
Neurocysticercosis Problem: मानसून का मौसम चल रहा है इस मौसम में गर्मी से राहत मिलती है तो वहीं पर कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी इस मौसम में ही बढ़ता है। मौसमी बीमारियों के बीच एक गंभीर संक्रमण की जानकारी मिली है। यह संक्रमण दिमाग पर बुरा असर डालता है। दरअसल डॉक्टरों ने मानसून के मौसम में गंभीर संक्रमण न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस की जानकारी दी है जो आपके दिमाग के पुर्जे को हिला कर रख देती है। चलिए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण और कैसे करें इस बीमारी से बचाव।
जानिए क्या होती है न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस
हम बात कर रहे है मानसून में फैल रहे गंभीर संक्रमण न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस की। यह एक तरह का ब्रेन इंफेक्शन है, जो पोर्क टेपवर्म (Taenia solium) के लार्वा से फैलता है। इस संक्रमण के बढ़ने का कारण हमारा खानपान होता है। यह संक्रमण तब शुरू होता है जब कोई व्यक्ति अधपका पोर्क खाता है या दूषित पानी और भोजन का सेवन करता है। इस तरह से खराब खाने की वजह से अंडे आंतों में जाकर टीनियासिस नाम की बीमारी का खतरा बढ़ा देते है। इस बीमारी के प्रसार की वजह से अगर इलाज समय पर मिले नहीं तो ये लार्वा खून के जरिए दिमाग तक पहुंचकर सिस्ट बना लेते हैं।
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इस सिस्ट बनने की स्थिति को ही गंभीर मामले में न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस कहा जाता है। इस प्रकार की बीमारी अधिकतर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को चपेट में लेती है। इम्यूनिटी लेवल कम होने पर इसका कारण बनते है।
सबसे आम लक्षण हैं:
बार-बार दौरे (Seizures) पड़ना
तेज और लगातार सिरदर्द
कन्फ्यूजन और चक्कर आना
गंभीर मामलों में स्थायी दिमागी नुकसान
बीमारी की कैसे होती है जांच
आपको बताते चलें, इस खतरनाक संक्रमण की जांच आसानी से होती है। यहां पर बीमारी की पहचान के लिए MRI या CT स्कैन किया जाता है. जांच में पता चलता है कि सिस्ट कितना फैला है और किस स्टेज तक गया है।
Vesicular Stage: शुरुआती स्टेज, सूजन नहीं होती
Colloidal Stage: सूजन और इंफ्लेमेशन बढ़ता है
Calcified Stage: पुराना सिस्ट जो सख्त हो चुका है
इस बीमारी के बचाव के लिए अपनाएं उपाय
इस खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए आपको इन सावधानियों को बरतना चाहिए…
कभी भी अधपका पोर्क न खाएं।
केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं।
सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
खाने से पहले हाथ जरूर धोएं।
मांस हमेशा भरोसेमंद जगह से ही खरीदें।
इस प्रकार की सावधानियां बरतने से संक्रमण का खतरा कम होता है।
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इलाज समय पर होना जरूरी
यहां पर अगर आपको इस बीमारी के ज्यादा लक्षण नजर आते है जैसे लगातार सिरदर्द या अचानक दौरे पड़ने लगें तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस बीमारी को स्पष्ट करते हुए न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन पाई बताते है कि समय पर जांच और इलाज न होने पर दिमाग को स्थायी नुकसान हो सकता है। मानसून में सतर्क रहें नहीं तो कोई भी बीमारी आपको नुकसान पहुंचा सकती है।
