नवजात शिशुओं में सेरेब्रल पाल्सी का खतरा रोकती हैं ये दवा, जानिए रिपोर्ट
कहते हैं अगर यह सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी बच्चों में नजर आती हैं तो इससे उनका विकास कुछ हद तक सही तरीके से नहीं होता है। लेकिन इस बीमारी के प्रभाव के बीच एक राहत की खबर सामने आई है जिसमें दावा किया गया हैं कि, नवजात शिशु को सेरेब्रल पाल्सी के खतरे से बचाने के लिए एक दवा फायदेमंद हो सकती है।
- Written By: दीपिका पाल
सेरेब्रल पाल्सी से बचाती हैं ये दवा (सौ.सोशल मीडिया)
cerebral palsy in newborn: बच्चे के जन्म के समय अगर प्रसूति की किसी प्रकार की बीमारी हैं तो इसका असर बच्चे के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। सेरेब्रल पाल्सी भी ऐसी ही एक बीमारी हैं जिससे जन्मजात रुप से बच्चे के विकास पर इसका प्रभाव पड़ता है। कहते हैं अगर यह सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी बच्चों में नजर आती हैं तो इससे उनका विकास कुछ हद तक सही तरीके से नहीं होता है। लेकिन इस बीमारी के प्रभाव के बीच एक राहत की खबर सामने आई है जिसमें दावा किया गया हैं कि, नवजात शिशु को सेरेब्रल पाल्सी के खतरे से बचाने के लिए एक दवा फायदेमंद हो सकती है इसे लेकर रिपोर्ट में दावा किया गया है।
जानिए कौन-सी दवा हैं प्रभावी
यहां पर Cochrane Database of Systematic Reviews की एक रिपोर्ट में कहा गया हैं कि, प्रीमैच्योर बर्थ के खतरे के समय अगर इस सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी के खतरे को रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं को मैग्नीशियम सल्फेट इंफ्यूशन (magnesium sulfate infusion)दिया जाता हैं तो, सेरेब्रल पाल्सी का खतरा कुछ हद तक कम होता है। इसे लकर रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, इसे लेकर दावे को मजबूत आधार नहीं दिया जा सकता है क्योंकि, वैश्विक स्तर पर बहुत अधिक डेटा उपलब्ध नहीं है।
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बता दें कि, साल 2009 में पहली बार मैग्नीशियम सल्फेट से सेरेब्रल पाल्सी के जोखिम को कम करने के सबूत मिलने की बात कही गयी थी। इसके बाद साल 2015 में भी इस सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कहा था कि जिन महिलाएं में प्रीमैच्योर बर्थ का खतरा है उनमें प्रेगनेंसी के 32वें सप्ताह से पहले यह दवा दी जा सकती है। इसे वैसे आसानी से अमल नहीं किया जा सकता है।
जानिए नवजातों में कैसे होता हैं सेरेब्रल पाल्सी का खतरा
यहां पर सेरेब्रल पाल्सी बीमारी और नवजातों के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए प्रोफेसर कैरन ल्यूइट ने कहा कि, समय पूर्व प्रसव या प्री-टर्म बर्थ बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी और ब्रेन इंजरी जैसी स्थितियों का एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा एक अन्य ने और कहा कि, ” ऐसी मांएं जिन्हें यह दवा दी गयी थी उनके बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी की दर काफी कम देखी गयी है। हालांकि, इसके सबूत बहुत कम हैं। क्लिनिकल ट्रायल्स के बाद दावा प्रस्तुत किया गया था जिसमें स्पष्ट किया गया है कि, इस दवा से सेरेब्रल पाल्सी के खतरे को काफी हद तक कंट्रोल में लाना आसान है।
