गैस स्टोव और इंडक्शन कुकटॉप पर खाना बनाते हुए (सौ. एआई)
LPG vs Induction Health Tips: वर्तमान समय में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में आ रही बाधाएं आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। लोग लंबी कतारों और बुकिंग में देरी से परेशान हैं। ऐसे में लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश करने पर मजबूर हैं। यही कारण है कि आज कई लोग इंडक्शन कुकटॉप का सहारा ले रहे हैं।
जहां पहले सिर्फ मिट्टी के चूल्हे या एलपीजी (LPG) गैस का बोलबाला था वहीं अब बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप हर घर की जरूरत बन गए हैं। लेकिन तकनीक के साथ-साथ स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। अक्सर सोशल मीडिया और चर्चाओं में यह सवाल उठता है कि क्या इंडक्शन पर बना खाना सेहतमंद होता है। क्या इसमें मौजूद रेडिएशन हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। आज हम विज्ञान और आयुर्वेद के नजरिए से इन दोनों के बीच के फर्क को समझेंगे।
LPG गैस पर खाना बनाना दशकों से हमारी आदत रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस पर आंच को नियंत्रित करना आसान होता है जिससे खाने का स्वाद बरकरार रहता है। हालांकि बंद कमरों या छोटे किचन में गैस जलाने से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं जो लंबे समय में श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। आयुर्वेद के अनुसार अग्नि पर पका खाना सुपाच्य माना जाता है क्योंकि यह भोजन के तत्वों को धीरे-धीरे पकने देता है।
इंडक्शन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड के जरिए काम करता है। यह बर्तन को सीधे गर्म करता है न कि उसके आस-पास की हवा को। सबसे बड़ा डर इसके रेडिएशन को लेकर है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार इंडक्शन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी बहुत कम होती है और यह बर्तन तक ही सीमित रहती है।
यह हमारे मोबाइल फोन या माइक्रोवेव के मुकाबले कम है। हालांकि पेसमेकर का उपयोग करने वाले मरीजों को इंडक्शन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि मैग्नेटिक फील्ड डिवाइस को प्रभावित कर सकता है।
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एक बड़ा मिथक यह है कि इंडक्शन खाने की पोषकता को खत्म कर देता है। विज्ञान कहता है कि पोषक तत्वों का नुकसान हीट सोर्स पर नहीं बल्कि तापमान और कुकिंग टाइम पर निर्भर करता है। इंडक्शन पर खाना बहुत जल्दी गर्म होता है जिससे कुछ मामलों में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स सुरक्षित रहते हैं क्योंकि वे कम समय तक गर्मी के संपर्क में रहते हैं। वहीं गैस पर धीमी आंच पर पकने वाला खाना दालों और कड़े खाद्य पदार्थों के लिए बेहतर माना जाता है।
इंडक्शन कुकिंग गैस के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि इसमें खुली लौ नहीं होती जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। यह किचन के तापमान को भी सामान्य रखता है। दूसरी ओर गैस की पहुंच हर जगह है और यह बिजली पर निर्भर नहीं है। लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से अगर किचन में वेंटिलेशन अच्छा नहीं है तो इंडक्शन एक बेहतर और क्लीनर विकल्प साबित हो सकता है।