शरीर के लिए लाभकारी होता है चरणामृत, जानिए सेवन करने का तरीका और इसके आयुर्वेदिक फायदे
Benefits Of Charanamrit: कई तरह की बड़ी बीमारियों से दूर रखने के लिए चरणामृत का महत्व होता है। आपको आज हम चरणामृत के सेवन का तरीका और इसके फायदे के बारे में जानकारी दे रहे है जो काम आएंगे।
- Written By: दीपिका पाल
चरणामृत का सेवन (सौ.सोशल मीडिया)
Method Of Making Charanamrit: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और व्रत त्योहार का महत्व होता है। पूजा में चरणामृत का अलग स्थान होता है जो भगवान को शुद्ध रूप में अर्पित किया जाता है औऱ फिर प्रसाद के रूप में सभी इसका सेवन करते है। चरणामृत भले ही भगवान को अर्पित करते है लेकिन इसके सेवन से व्यक्ति का शरीर और मन दोनों शुद्ध होता है।
वहीं पर कई तरह की बड़ी बीमारियों से दूर रखने के लिए चरणामृत का महत्व होता है। आपको आज हम चरणामृत के सेवन का तरीका और इसके फायदे के बारे में जानकारी दे रहे है जो काम आएंगे।
जानिए क्या है चरणामृत और सेवन का तरीका
यहां पर चरणामृत की बात की जाए तो, इसका शाब्दिक अर्थ यह होगा कि, ‘चरणों का अमृत,’ पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में दिया जाने वाला एक पवित्र पेय है। इसे पंचामृत भी कहते है क्योंकि इसमें कई चीजें जैसे दूध, दही, घी, शहद, तुलसी के पत्ते, केले, गुड़, बिना बीज वाली खजूर, मिश्री, इलायची और घी मिलाया जाता है। यहां पर चरणामृत की बात करें तो, इसका उद्देश्य आध्यात्मिक शुद्धि से जुड़ा होता है। अगर आप इसका सेवन नियमित रूप से करते है तो, फायदे मिलते है।
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यहां पर चरणामृत का सेवन करने के तरीके के बारे में बताया गया है।
- चरणामृत हमेशा दाहिने हाथ से लेना चाहिए, अपने दाहिने हाथ के नीचे बाएं हाथ को रखें और हथेली को ‘गोकर्ण’ यानी गाय के कान की मुद्रा में मोड़ें।
- हथेली में आए चरणामृत को बड़ी श्रद्धा के साथ सीधे मुख में डालें।
- इसे पीते समय जीभ से स्पर्श करने के बजाय सीधे गले से उतारने का प्रयास करें।
- चरणामृत पीने के बाद अपने हाथ को सिर पर कभी न पोंछें।
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किस बर्तन में करें चरणामृत का सेवन
यहां पर आयुर्वेद में चरणामृत के सेवन के फायदे बताए है। इस चरणामृत को आप तांबे या पीतल के पात्र में रख सकते है। इस पेय का सेवन करने से कई रोगों से लड़ने की शक्ति मिल जाएगी तो वहीं पर इम्यूनिटी लेवल भी बढ़ता है। तुलसी के पत्ते मिलाने से यह और शक्तिशाली हो जाता है. यह मस्तिष्क को शांति और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। चरणामृत एनर्जी को खत्म कर व्यक्ति को मानसिक शांति देता है।
