धूम्रपान के लत क्यों लग जाती है (सौ.सोशल मीडिया)
No Smoking Day 2025: आजकल की लाइफस्टाइल में हर कोई किसी ना किसी स्टाइल को फॉलो करते है वहीं पर सिगरेट और शराब पीने के आदी देश में कम नहीं है। एक छोटी सी सिगरेट के धुएं कितने लोगों की जिंदगी हवा हो जाती है कम लोग ही जानते है। सिगरेट, भले ही फैशन और स्टाइल का एक जरिया है जिसे हर कोई बिना जान की परवाह किए सुलगते रहते है लेकिन यह बड़ी बीमारियों का खतरा पैदा करती है। कई बार आपने सोचा होगा कि, ऐसा क्या सिगरेट में होता है जिसके दीवाने लोग हो जाते है और सुध-बुध खो बैठते है यहां पर होश तब आता है जो कोई बड़ी बीमारी शरीर पर हमला ना कर दें। चलिए जानते हैं नो स्मोकिंग डे पर कुछ खास जानकारी जो आपको जानना जरूरी है…
यहां पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आंकड़े पेश किए है जिसके मुताबिक, तंबाकू के सेवन से हर साल 8 मिलियन लोगों की मौत होती है। इसमें 1.3 मिलियन वो लोग शामिल हैं जो सेकेंड हैंड स्मोकिंग करते हैं इसके अलावा एक स्टडी और कहती है कि, भारत भर सिगरेट पीने वालों की आबादी 26 करोड़ के लगभग है। यहां पर सिगरेट के शौकीनों को इससे फायदा तो नहीं मिलता है लेकिन तोहफे में कई बीमारियां जरूर मिलती है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने बताया कि, सिगरेट पीने से कैंसर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, लंग डिजीज, डायबिटीज, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) का कारण बनता है। यहां पर तपेदिक और आंखों की बीमारियां भी बढ़ जाती है।
यहां पर अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, सिगरेट पीने और उसके शरीर पर पड़ने वाले असर के बारे में बताया गया है। यहां पर सिगरेट में निकोटिन होता है जो कि एक एडिक्टिव सब्सटेंस है। जब आप सिगरेट सुलगते है तो यह शरीर में जाते ही ब्रेन को अलर्ट कर देता है। जहां पर ब्रेन का काम करने का तरीका भी बदल जाता है इसका कारण सिगरेट का निकोटिन तत्व होता है रिलीज होने वाले डोपामाइन के कारण होता है, जिससे व्यक्ति को अच्छा महसूस होता, जिसे वह बार-बार महसूस करना चाहता है।
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यहां पर सिगरेट पीने का असर हमारी उम्र और जीवन जीने के समय पर आधारित होती है। इसे लेकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने खुलासा किया है कि, एक सिगरेट व्यक्ति के जीवन के 11 मिनट को कम कर देता है. वहीं एक दूसरी स्टडी यह बताती है कि यदि कोई 30 उम्र का व्यक्ति सिगरेट पीता है तो वह अगले 35 साल तक ही जिंदा रहेगा जबकि नॉन स्मोकर के 53 साल तक जिंदा रहने की संभावना होती है।