Health Tips For Children: मानसून में बच्चों की डाइट पर रखें खास नजर, ये चीजें बन सकती हैं बीमारी की वजह

Health Tips For Children In Monsoon: मानसून के मौम में बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखना जरूरी है। इस दौरान की गई छोटी-सी लापरवाही भी संक्रमण, पेट की समस्याओं और अन्य बीमारियों का कारण बन सकती है।
Monsoon Health Tips For Children
मानसून हेल्थ टिप्स फॉर चिल्ड्रन (सौ.सोशल मीडिया)
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Monsoon Health Tips For Children: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लेकर आता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह मौसम कई तरह के संक्रमण का खतरा भी बढ़ा देता है। हवा में बढ़ी नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य आसानी से प्रभावित हो सकता है।

ऐसे में माता-पिता को बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें इस मौसम में बच्चों को देने से बचना बेहतर माना जाता है। आइए जानते हैं किन चीजों से दूरी बनाना जरूरी है।

  • खुले में मिलने वाले फास्ट फूड से रखें दूर

मानसून के दौरान बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे, पकौड़ी, समोसे, चाट और अन्य स्ट्रीट फूड खिलाने से बचें। कई बार इनमें इस्तेमाल होने वाला पानी और बार-बार गर्म किया गया तेल दूषित हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, दस्त और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में घर का ताजा और साफ-सुथरा भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

  • कटे हुए फल और पुराने भोजन से करें परहेज

बारिश के मौसम में लंबे समय तक रखे गए कटे हुए फल जल्दी खराब हो सकते हैं। इनमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। इसी तरह बासी भोजन भी बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बच्चों को हमेशा ताजा बना भोजन और ताजे फल ही खिलाएं।

  • ठंडे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में बच्चों को कोल्ड ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक और जरूरत से ज्यादा ठंडी चीजें देने से बचना चाहिए। इससे गले में संक्रमण, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसकी जगह बच्चों को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी, ताजा नारियल पानी या घर पर बने हेल्दी पेय देना बेहतर रहता है।

  • हरी पत्तेदार सब्जियां अच्छी तरह साफ करके ही दें

बारिश के मौसम में पालक, मेथी, सरसों और अन्य पत्तेदार सब्जियों पर मिट्टी, कीड़े और सूक्ष्म जीव अधिक मात्रा में चिपके हो सकते हैं। इसलिए इन्हें कई बार साफ पानी से धोने के बाद अच्छी तरह पकाकर ही बच्चों को खिलाना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।

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