Dental Care Tips: सिर्फ मीठा नहीं ये आदतें भी हैं दांतों की दुश्मन, भूलकर भी न करें ये छोटी गलतियां

Teeth Health: अक्सर लोग दांतों की खराब सेहत के लिए सिर्फ मीठे को जिम्मेदार मानते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ आम आदतें भी दांतों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं। जो दांतों के खराब होने की असली जगह है।
Dental Care Habits That Damage Teeth
दांत दर्द से परेशान (सौ. फ्रीपिक)
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Dental Hygiene Tips: आजकल कम उम्र में ही दांतों में झनझनाहट और कमजोरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हम अनजाने में ऐसी कई गलतियां करते हैं जो दांतों की सुरक्षात्मक परत (इनेमल) को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। आइए जानते हैं वे कौन सी आदतें हैं जिन्हें तुरंत बदलना जरूरी है।

जरूरत से ज्यादा और जोर से ब्रश करना

अक्सर लोग मानते हैं कि जितना ज़ोर से रगड़ेंगे दांत उतने सफेद होंगे। लेकिन हकीकत में हार्ड-ब्रिसल वाले ब्रश से जोर लगाकर सफाई करने से दांतों का इनेमल घिस जाता है। इससे दांत पीले दिखने लगते हैं और सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। हमेशा सॉफ्ट ब्रश का ही चुनाव करें।

एसिड और शुगर वाली डाइट

आजकल की लाइफस्टाइल में कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और पैकेट बंद जूस का सेवन बढ़ गया है। इनमें मौजूद हाई एसिड और शुगर दांतों के इनेमल को धीरे-धीरे घोल देते हैं। चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन भी सलाइवा (लार) को कम करता है जो दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा है।

पानी की कमी और कम सलाइवा लार

मारे मुंह के एसिड को न्यूट्रल करती है और दांतों को मजबूत रखती है। पर्याप्त पानी न पीने से मुंह सूखने लगता है जिससे बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है। दिन भर पानी पीते रहना दांतों की सेहत के लिए अनिवार्य है।

DIY व्हाइटनिंग नुस्खों का खतरा

सोशल मीडिया पर बेकिंग सोडा, नींबू या चारकोल से दांत चमकाने के घरेलू नुस्खे ट्रेंड में हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार ये तरीके दांतों के लिए बेहद खतरनाक हैं। ये इनेमल को तेजी से नष्ट करते हैं जिससे दांत हमेशा के लिए कमजोर हो सकते हैं।

गलत टूथपेस्ट का चुनाव हर टूथपेस्ट

हर किसी के लिए नहीं होता। अगर आपके दांतों में झनझनाहट है तो इनेमल-प्रोटेक्शन या रिमिनरलाइजिंग टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। सामान्य टूथपेस्ट अक्सर दांतों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते।

दांतों की सुरक्षा के लिए केवल मीठा छोड़ना काफी नहीं है बल्कि अपनी आदतों को सुधारना भी जरूरी है। साल में कम से कम दो बार प्रोफेशनल चेकअप कराएं और हर बार खाने के बाद कुल्ला करने की आदत डालें।

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