बीमारियों को कहें अलविदा! खून को साफ रखने के 5 आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाएं, आएगें बहुत काम
Blood Clean Tips in Hindi: अक्सर ऐसा होता है कि, खून में अशुद्धियां (Impurities) बढ़ जाती हैं, तो यह कई तरह की बीमारियों की जड़ बन जाती हैं। आयुर्वेद में इस स्थिति को ‘रक्तदूषा’ कहा जाता है।
- Written By: दीपिका पाल
रक्त शुद्धि के लिए करें इन चीजों का सेवन (सौ. सोशल मीडिया)
Blood Clean Tips: आजकल सेहत का सही तरह से ख्याल रख पाना मुश्किल हो जाता है। हमारा शरीर तभी स्वस्थ रह सकता है जब उसमें बहने वाला रक्त (Blood) शुद्ध और पोषक तत्वों से भरपूर हो। यहां पर बात करें तो, रक्त और कोशिकाएं मिलकर पूरे शरीर को पोषण देती हैं और हर अंग को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करती हैं। अक्सर ऐसा होता है कि, खून में अशुद्धियां (Impurities) बढ़ जाती हैं, तो यह कई तरह की बीमारियों की जड़ बन जाती हैं। आयुर्वेद में इस स्थिति को ‘रक्तदूषा’ कहा जाता है। दूषित रक्त से न केवल स्किन संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि थकान, सिरदर्द, पाचन संबंधी गड़बड़ियां और हार्मोनल असंतुलन जैसी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में रक्त को शुद्ध रखना बेहद जरूरी है।
इन आयुर्वेदिक चीजों से रखें सेहत का ख्याल
आइए जानते हैं आपकी किचन में मौजूद कुछ ऐसी देसी और आयुर्वेदिक चीजें, जो खून को शुद्ध करने में मदद करती है…
1. आंवला – विटामिन C का खज़ाना
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सर्दियों के मौसम में आंवला आसानी से मिल जाता है। यह रक्त को साफ करने का बेहतरीन प्राकृतिक उपाय में से एक है। आंवला में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो खून से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। रोज़ सुबह खाली पेट एक आंवला खाना या उसका चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेना लाभदायक होता है। इससे स्किन पर निखार आता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है।
2. तुलसी – हर घर की औषधि
तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह खून को शुद्ध करने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। आप तुलसी की चाय या काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। यह सर्दी-जुकाम से बचाने के साथ शरीर में जमा अशुद्धियों को भी दूर करती है।
3. नीम – प्राकृतिक डिटॉक्स एजेंट
नीम को आयुर्वेद में रक्त शोधक माना गया है। सुबह खाली पेट नीम की कुछ कोमल पत्तियां चबाने से रक्त में मौजूद अशुद्धियां निकल जाती हैं। यह स्किन एलर्जी, फोड़े-फुंसी और मुंहासों जैसी समस्याओं में भी राहत देता है।
4. हल्दी – करक्यूमिन का जादू
हल्दी हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। इसमें मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) तत्व शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। रोज़ाना दूध में हल्दी मिलाकर पीना रक्त शुद्धि के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और संक्रमण से बचाव करता है।
5. मंजिष्ठा – सुंदर त्वचा और स्वच्छ रक्त का रहस्य
मंजिष्ठा एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो रक्त को साफ करती है और स्किन पर निखार लाती है। इसकी जड़ को ‘रक्त शोधक’ कहा गया है। यह लिवर और किडनी को भी स्वस्थ रखती है, जिससे शरीर का डिटॉक्स प्रोसेस बेहतर होता है।
6. त्रिफला चूर्ण – सम्पूर्ण शुद्धि का उपाय
त्रिफला चूर्ण तीन फलों – आंवला, हरड़ और बहेड़ा – से बनता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और आंतों की सफाई करता है। जब पाचन सही रहता है, तो खून में पोषक तत्व अच्छे से मिलते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है। इसे रात में गुनगुने पानी के साथ लेने से बेहद फायदा होता है।
7. अन्य लाभकारी विकल्प
रक्त शुद्धि के लिए चिरायता, गिलोय, गाजर का रस, चुकंदर का रस और गुड़मार का सेवन भी बहुत फायदेमंद है। ये शरीर के मेटाबॉलिज़्म को संतुलित करते हैं और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
